मेट्रो प्रोजेक्ट पर आएगी पांच हजार करोड़ रुपये की लागत
अगर शहर में मेट्रो धरातल पर उतरती है तो दो मार्गों पर दौड़ेगी। प्रोजेक्ट पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। एक लाख लोग हर रोज सफर कर सकेंगे। शासन से अब तक लाइट मेट्रो की अनुमति थी लेकिन जब मेट्रो का प्रस्ताव सामने आया तो तीन महीने पहले डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। राइट्स के अधिकारियों ने कहा कि बेशक स्थानीय अधिकारियों ने लाइट मेट्रो के स्थान पर मेट्रो चलाने पर मौखिक सहमति दी है लेकिन शासन से लिखित में अनुमोदन जरूरी है।
अधिकारियों ने बताया कि अभी तक रुहेलखंड विश्वविद्यालय के करीब लाइट मेट्रो के लिए 10 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन जब मेट्रो का प्रोजेक्ट अंतिम रूप देने की तैयारी हुई तो 20 एकड़ जमीन आईवीआरआई परिसर में मांगी गई। इस पर अभी निर्णय नहीं हो सका है।