बरेली। डीएम के पत्रों को तहसीलदार तवज्जो नहीं दे रहे हैं। 10 पत्र लिखने के बावजूद तहसीलदार ने वीरपाल के जाति प्रमाणपत्र संबंधी जांच रिपोर्ट नहीं दी तो डीएम ने 17 नवंबर को 11वीं चिट्ठी भी लिख डाली। इसके जरिये उन्होंने तहसीलदार से स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही, रामपुर जिले के गांव लोहापट्टी जाकर वीरपाल की जाति प्रमाणित करने का निर्देश दिया है।
रामपुर जिले की मिलक तहसील के लोहापट्टी गांव का वीरपाल फिलहाल बरेली की सदर तहसील के जागृतिनगर करगैना में रह रहा है। सदर तहसील से उसके नाम अनुसूचित जाति (धनगर) का प्रमाणपत्र जारी है। इस मामले में मंडल स्तरीय स्क्रूटनी समिति ने 21 दिसंबर 2022 को डीएम को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके क्रम में डीएम और तहसीलदार सदर के बीच पत्रों के जरिये जोर आजमाइश चल रही है।
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि वीरपाल की जाति के संबंध में जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से मामला लंबित है। छह नवंबर को जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की बैठक हुई। इसमें यह मामला उठा था। इसी के क्रम में पत्र लिखकर तहसीलदार से कहा है कि आप खुद मौके पर जाकर जांच करें और रिपोर्ट दें। संवाद
डीएम की तरफ से जारी पत्र मिला है। नायब तहसीलदार भोजीपुरा अभिषेक तिवारी से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। - भानु प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर