बरेली। सड़क दुर्घटनाओं से मौतों के मामले में बरेली प्रदेश के टॉप 20 जिलों में शामिल है। वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में सड़क हादसों में 22.9 फीसदी की कमी आई, लेकिन मरने वालों की संख्या में 10.5 फीसदी और घायलों की संख्या में 23 फीसदी तक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में यहां 1,050 हादसों में 487 लोगों की जान गई थी और 886 लोग घायल हुए थे। इसके बाद जिले में चिह्नित 35 ब्लैक स्पाॅट पर भी सुधारात्मक कार्य कराए गए, लेकिन 2024 में अब तक इसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। इस साल अब तक सड़क हादसों में 240 लोगों की जान जा चुकी है। 590 लोग घायल हुए हैं।
पीलीभीत बाइपास, दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे, नैनीताल हाईवे और बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे पर इस साल भी बड़े सड़क हादसे हुए हैं। आरटीओ दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि संबंधित विभाग मिलकर सड़क हादसे रोकने के लिए उपाय कर रहे हैं।
एआरटीओ रोड सेफ्टी की होगी तैनाती
लखनऊ। बरेली सहित यूपी के 43 जिलों में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। तीन साल के जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 1,24,009 हादसे हुए, जिसमें 67,474 मौतें हुई हैं। 43 जिलों में 800 से अधिक मौतें हुई हैं, जोकि औसत से कहीं अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि सड़क हादसों की संख्या घटाने के लिए सभी 75 जिलों में एआरटीओ रोड सेफ्टी तैनात किए जा रहे हैं। हाल ही में 50 पदों पर मुहर भी लग गई है। पहले चरण में बरेली सहित 43 जनपदों में एआरटीओ रोड सेफ्टी की तैनाती की तैयारी शुरू हो गई है। मार्च से पहले सभी जिलों में तैनाती होनी है। ब्यूरो
जिलों में एआरटीओ (रोड सेफ्टी) तैनात किए जा रहे हैं, जो सड़क हादसे घटाने के लिए कार्य करेंगे। साथ ही, एमवीआई (मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) व एएमवीआई (असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर) भी तैनात किए जाएंगे। इससे वाहनों की पड़ताल का काम भी तेज हो सकेगा। - दयाशंकर सिंह, परिवहन मंत्री, उप्र