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Master Plan-2031: आचार संहिता से पहले महायोजना-2031 लागू, बरेली के विकास को लगेंगे पंख; ये होंगे काम

Sun, 17 Mar 2024 06:23 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

महायोजना-2031 का खाका पूर्व में ही खींचा जा चुका था। बीते दिनों मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुतीकरण के बाद इसे लागू करने की हरी झंडी दी गई थी। अब औपचारिक रूप से इसे लागू किए जाने के बाद शहर के विकास का काम रफ्तार पकड़ेगा।
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बरेली विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आचार संहिता लगने से पहले शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने महायोजना-2031 लागू कर दी है। इससे शहर के विकास को रफ्तार मिल सकेगी। महायोजना में नए बाईपास मार्ग शहर का हिस्सा होंगे। आवासीय क्षेत्र बढ़ेगा तो पार्कों व खुले स्थान में भी वृद्धि होगी। कहीं ग्रीन बेल्ट खत्म होगी तो कहीं नए क्षेत्र को ग्रीनबेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। नाथ कॉरिडोर आकार लेगा और रामगंगा के तट संवरेंगे। स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल व नई आवासीय योजनाएं विकसित हो सकेंगी। यातायात प्रबंधन पर भी जोर होगा।

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इस महायोजना का खाका पूर्व में ही खींचा जा चुका था। बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण के बाद इसे लागू करने की हरी झंडी दी गई थी। अब औपचारिक रूप से इसे लागू किए जाने के बाद शहर के विकास का काम रफ्तार पकड़ेगा। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने बताया कि महायोजना-2031 के तहत बरेली से शाहजहांपुर मार्ग पर एक बड़े भूभाग में औद्योगिक भूभाग तय किया गया है। इससे उद्यमियों को उद्योग लगाने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही वेयरहाउस व लॉजिस्टिक पार्क आदि भी बनाए जाएंगे।

इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी से बरेली जाने वाले मार्ग पर पूर्व में निर्धारित 80 मीटर चौड़े ग्रीन वेल्ट के नियम को अब समाप्त कर दिया गया है। ग्रीन बेल्ट हटने से इस मार्ग पर विकास व रोजगार सृजन की नवीन स्थितियां पैदा होंगी। नगर को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए आवासीय भू-उपयोग 2021 में 41.27 प्रतिशत था। इसे महायोजना-2031 में 45.29 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार पार्क व खुले स्थल के लिए 5.13 प्रतिशत के स्थान पर 23.29 प्रतिशत जगह का प्रावधान किया गया है।

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30 मीटर की ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित 
महायोजना में बड़ा बाईपास पर दोनों और पूर्व में प्रावधानित 100 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट पट्टी को पुनर्नियोजित करके 30 मीटर किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्यमार्ग और नए प्रस्तावित मार्गों के किनारे 30 मीटर की ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित की गई है। बड़ा बाईपास के नजदीक आवासीय व सामुदायिक सुविधाओं के लिए भू-उपयोग कर सकेंगे। भविष्य में स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल व नई आवासीय योजनाएं विकसित हो सकेंगी।

इसके अलावा महायोजना-2031 में दो नए बाईपास बदायूं से दिल्ली रोड और बदायूं से शाहजहांपुर रोड का समायोजन भी किया गया है। नए प्रस्तावित बाईपास के दोनों ओर 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट होगी। इसके साथ ही 300 मीटर गहराई तक हाईवे फैसिलिटी जोन का प्रावधान किया गया हैै। इसमें निर्धारित सूची के तहत दैनिक उपयोग की दुकानें, रिसोर्ट, वे-साइड रेस्टोरेंट आदि होंगे। रामगंगा नदी पर तटबंध (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का प्रस्ताव भी है। नदी के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित है।
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नाथ नगरी कॉरिडोर भी इसी का हिस्सा
महायोजना 2031 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नाथ नगरी कॉरिडोर का समायोजन किया गया हैै। बीडीए की तरफ से इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। नगरीय क्षेत्रों (निर्मित क्षेत्र को छोड़कर) में 18 मीटर व उससे अधिक चौड़े प्रस्तावित मार्गों पर बाजार-स्ट्रीट प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही एनएचएआई द्वारा प्रस्तावित बाईपास को रेखांकित किया गया है। प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर व ट्रकों के एंट्री प्वाइंट को महायोजना में चिह्नित किया गया है।

तीन साल की जद्दोजहद के बाद की गई लागू
महायोजना-2031 पर बीडीए पिछले तीन साल से काम कर रहा था। इस दौरान कई बैठकें हुईं। शहर के व्यापारियों, उद्यमियों आदि से आपत्ति मांगी गई। सबसे ज्यादा आपत्तियां लैंड यूज को चेंज करने के लिए आई थीं। आपत्तियों का निस्तारण करते हुए बीडीए ने लखनऊ हाईवे पर 80 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट का नियम खत्म करके उद्यमियों को बड़ी राहत देने का दावा किया है। इसके अलावा भी बाजार स्ट्रीट विकसित की जाएंगी।
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