30 मीटर की ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित
महायोजना में बड़ा बाईपास पर दोनों और पूर्व में प्रावधानित 100 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट पट्टी को पुनर्नियोजित करके 30 मीटर किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्यमार्ग और नए प्रस्तावित मार्गों के किनारे 30 मीटर की ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित की गई है। बड़ा बाईपास के नजदीक आवासीय व सामुदायिक सुविधाओं के लिए भू-उपयोग कर सकेंगे। भविष्य में स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल व नई आवासीय योजनाएं विकसित हो सकेंगी।
इसके अलावा महायोजना-2031 में दो नए बाईपास बदायूं से दिल्ली रोड और बदायूं से शाहजहांपुर रोड का समायोजन भी किया गया है। नए प्रस्तावित बाईपास के दोनों ओर 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट होगी। इसके साथ ही 300 मीटर गहराई तक हाईवे फैसिलिटी जोन का प्रावधान किया गया हैै। इसमें निर्धारित सूची के तहत दैनिक उपयोग की दुकानें, रिसोर्ट, वे-साइड रेस्टोरेंट आदि होंगे। रामगंगा नदी पर तटबंध (रिवर फ्रंट डेवलपमेंट) का प्रस्ताव भी है। नदी के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट प्रस्तावित है।
नाथ नगरी कॉरिडोर भी इसी का हिस्सा
महायोजना 2031 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नाथ नगरी कॉरिडोर का समायोजन किया गया हैै। बीडीए की तरफ से इस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। नगरीय क्षेत्रों (निर्मित क्षेत्र को छोड़कर) में 18 मीटर व उससे अधिक चौड़े प्रस्तावित मार्गों पर बाजार-स्ट्रीट प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही एनएचएआई द्वारा प्रस्तावित बाईपास को रेखांकित किया गया है। प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर व ट्रकों के एंट्री प्वाइंट को महायोजना में चिह्नित किया गया है।
तीन साल की जद्दोजहद के बाद की गई लागू
महायोजना-2031 पर बीडीए पिछले तीन साल से काम कर रहा था। इस दौरान कई बैठकें हुईं। शहर के व्यापारियों, उद्यमियों आदि से आपत्ति मांगी गई। सबसे ज्यादा आपत्तियां लैंड यूज को चेंज करने के लिए आई थीं। आपत्तियों का निस्तारण करते हुए बीडीए ने लखनऊ हाईवे पर 80 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट का नियम खत्म करके उद्यमियों को बड़ी राहत देने का दावा किया है। इसके अलावा भी बाजार स्ट्रीट विकसित की जाएंगी।