शोहदों की डर से स्कूल नहीं जाने वाली धनेली गांव की छात्राओं ने बृहस्पतिवार को मुस्लिम भाइयों से रक्षा का वचन मांगा तो उन्होंने भी आगे बढ़कर उनका स्वागत किया। छात्राओं से कहा गया कि डरने की जरूरत नहीं है। वे हर समय उनकी मदद को तैयार रहेंगे।
मौका था दुनका पुलिस चौकी पर आयोजित रक्षा बंधन कार्यक्रम का। आयोजन एसएसपी के आदेश पर हुआ।धनेली की 12 छात्राएं हाथ में राखी और रोली, चंदन की थाली लेकर पूर्वाह्न 11 बजे चौकी पहुंचीं। वहां दुनका के 26 मुस्लिम लड़के पहले से मौजूद थे। छात्राओं ने मुस्लिम भाइयों के हाथों में राखी बांधी, टीका लगाया और मुंह मीठा कराया। भाइयों ने भी उनकी रक्षा का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि पिछले दिनों जो भी हुआ उससे डरने की जरूरत नहीं है। हमें सौहार्दपूर्ण माहौल बनाना है। वे बहनों की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। बाद में सभी छात्राओं को उपहार भी दिए गए। इसके बाद छात्राओं ने चौकी इंचार्ज वेदपाल सिंह और अन्य पुलिस वालों की कलाइयों में भी राखियां बांधीं। पुलिस स्टाफ ने सुरक्षा का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में दुनका की प्रधान के पति जुनेद अहमद, खलील अहमद, अफसर अहमद, इख्तियार, अजीब अहमद और राजकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
कोट
आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। पुलिस प्रशासन की ओर से यह अच्छी पहल की गई है। बेटियों के मन में जो डर पैदा हो गया था वह इससे निकल जाएगा। गांव में भाईचारा बनना चाहिए।
-दिशपाल सिंह, प्रधान पति
कप्तान साहब के आदेश पर चौकी में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। यह पहल सभी को पसंद आई। बेटियों को डरने की जरूरत नही है। एक दूसरे का विश्वास जीतने की जरूरत है।
-वेदपाल सिंह, चौकी इंचार्ज