बरेली। नगर निगम की टीम शुक्रवार को बिहारीपुर स्थित सामुदायिक शौचालय से कब्जा हटाने पहुंची तो क्षेत्रवासी उग्र हो गए। नौबत हाथापाई तक जा पहुंची। काफी मशक्कत के बाद टीम शौचालय को कब्जामुक्त करा सकी। वहीं, हंगामे के बीच पार्षद और उसके बेटे पर रिश्वतखोरी के आरोप भी लगे। इस दौरान पार्षद का बेटा शौचालय में जाकर छिप गया।
वार्ड एक बिहारीपुर की पार्षद संतोष कश्यप ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी कि उनके क्षेत्र में बने सामुदायिक शौचालय पर मुन्ना कबाड़ी ने कब्जा कर रखा है। शुक्रवार को नगर निगम का दस्ता वहां पहुंचा तो भीड़ उग्र हो गई। हंगामे के दौरान कब्जा करने वाले मुन्ना कबाड़ी ने पार्षद के बेटे ऋषभ पर आरोप लगाया कि वह दो दिन पूर्व ही उससे दो हजार रुपये ले गया था। इसके बाद भी शिकायत कर दी। इतना सुनते ही ऋषभ शौचालय में जाकर छिप गया। वहीं, टीम ने जैसे-तैसे शौचालय कब्जामुक्त कराकर ताला डाल दिया।
ऋषभ ने बताया कि 15 दिन पहले उसने मुन्ना से कबाड़ में आई स्कूटी की डील की थी। उसने स्कूटी लेकर मैकेनिक को दी तो उसकी बॉडी काम की नहीं निकली। उसने दोबारा मुन्ना को स्कूटी देकर कर रुपये वापस लिए थे। वह इन्हीं रुपयों की बात कर रहा है। ऋषभ ने बताया कि मुन्ना काफी दबंग किस्म का है। उसके डर की वजह से वह शौचालय में छिप गए थे।
नगर आयुक्त को दिए शिकायतीपत्र में पार्षद संतोष ने बताया है कि निगम की संपत्ति पर मुन्ना ने कब्जा कर रखा है। अतिक्रमण हटने के बाद भी बार-बार सरकारी शौचालय पर कब्जा करता रहता है। इसमें वह चोरी का माल रखता है और चोरी की ही बिजली चलाता है। शौचालय खाली करवाकर ताला लगा दिया है। शौचालय में बाइक, साइकिल और अन्य सामान छिपा कर रखा गया था।
टीम अतिक्रमण हटवाने गई थी। इस दौरान कई लोगों ने हंगामा कर दिया। टीम शौचालय को खाली करवाकर लौट आई। अब वहां दोबारा अतिक्रमण ना हो, इसके लिए पुलिस की मदद ली जाएगी। - ललतेश सक्सेना, दस्ता प्रभारी