नवाबगंज। महिला परामर्श केंद्र में बुधवार को दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामलों में दंपती के बीच समझौता हुआ। दंपती ने आपसी सहमति से साथ रहने की इच्छा व्यक्त की। दोनों पक्षों ने समझौता लिखकर महिला परामर्श केंद्र को सौंप दिया है।
दिसंबर 2025 से शुरू हुए महिला परामर्श केंद्र में अबतक 30 से अधिक परिवारों को टूटने से बचाया गया है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के धौरेरा निवासी संतोष कुमार की कविता ने थाना नवाबगंज में तहरीर देते हुए आरोप लगाया था कि शादी के कुछ समय बाद से पति संतोष कुमार, सास-ससुर व अन्य ससुरालीजन दहेज में एक लाख रुपये नगद और बाइक की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर कविता से मारपीट की और घर से निकाल दिया। पुलिस ने इस मामले को महिला परामर्श केंद्र भेज दिया।
केंद्र में बुधवार को दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलर नन्थूलाल आर्य, गोपाल कृष्ण शर्मा, विमला शुक्ला और निसातबानो ने काउंसलिंग की दंपती की। इसके बाद पति ने भविष्य में मारपीट या दहेज की मांग न करने का वादा किया। कविता ने भी साथ रहने की सहमति जताई। समझौते के बाद मामले का निस्तारण कर दिया गया। संवाद
फोटो 4 महिला परामर्श केन्द्र पर समझाैता सौपते दंपति
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परामर्श समिति ने तीन परिवारों को बिखरने से बचाया
आंवला। थाना परिसर में संचालित परिवार परामर्श केंद्र में परामर्श समिति ने तीन बिखरे परिवारों को एकसूत्र में बांध दिया। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि अतरछेड़ी निवासी विशाल-सोनल, मनौना निवासी गजाला-सलमान और चंजरी बालकिशनपुर निवासी जिया लाल की बेटी प्रीति के परिवारों में काफी समय से आपसी विवाद था। तीनों परिवार टूटने की कगार पर थे। समिति अध्यक्ष जय गोविंद सिंह, रमाकांत तिवारी, योगेश माहेश्वरी, रामदीन सागर, शोखी अग्रवाल, शोभना अग्रवाल, रजिया सुल्तान, सीमा रजा, महिला उपनिरीक्षक अंजू की काउंसलिंग से अबतक 120 परिवारों को बिखरने से बचाया जा चुका है।