बरेली। पंचायत सचिवों के तबादले और पदोन्नति की वजह से जिले में थमी विकास कार्यों की रफ्तार अब दोबारा से तेजी पकड़ने लगी है। जिले की ग्राम पंचायतों में 5.16 करोड़ से विकास के काम कराएंगे। इससे ग्रामीणों को काफी फायदा होगा।
जिले की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना और पंचायत भवन निर्माण जैसे कार्य ठप पड़े थे। सचिवों की कमी के कारण न तो योजनाओं की मॉनिटरिंग हो पा रही थी। हालत यह है कि पांचवें वित्त आयोग 2,78,59,585 रुपये और 15वें वित्त आयोग के 2,37,70,534 रुपये से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य होने हैं। हाल ही में शासन के निर्देशों पर सचिवों की दोबारा से तैनाती कर दी है। अब पंचायतों में जिम्मेदार अधिकारी मौजूद हैं। जिससे योजनाओं की प्रक्रिया फिर से पटरी पर लौट रही है। जिला पंचायत अधिकारी कमल किशोर ने बताया कि सभी पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे योजनाओं की समय पर फीडिंग करें और प्रगति रिपोर्ट भेजें। जो भी काम कराए जाए, उनमें गुणवत्ता का ध्यान रखें। जमीनी स्तर पर कामों की गुणवत्ता की जांच भी कराई जाएंगी। संवाद