बेटे का आरोप, शिकायत करने पर धक्के देकर निकाल दिया अस्पताल से
बरेली। कुछ ही दिन पहले एक मरीज से अनाप-शनाप बिल की वसूली को लेकर चर्चा में आए विनायक अस्पताल के प्रबंधन पर अब एक कोरोना संक्रमित महिला की मौत के बाद सोने के कुंडल चुरा लेने का आरोप लगा है। उझानी के परिवार ने अस्पताल के मैनेजर और दो नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। महिला के बेटे का आरोप है कि उसने कुंडल चोरी होने की शिकायत की तो अस्पताल स्टाफ ने उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।
उझानी (बदायूं) के गांव हजरतगंज निवासी राजगुरु तोमर ने एफआईआर लिखाई है कि उन्होंने अपनी मां को आठ मई की रात 12 बजे के बाद विनायक अस्पताल में भर्ती कराया था। वह कोरोना संक्रमित थीं और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा था। दस मई की सुबह 7.50 बजे राहुल नाम के व्यक्ति ने खुद को आईसीयू का नर्सिंग स्टाफ बताकर उन्हें फोन पर उनकी मां की मौत की सूचना दी। राहुल ने उन्हें यह भी बताया कि उनकी मां के कुंडल निकाल तनु नाम की कर्मचारी को दे दिए हैं लेकिन जब वह आईसीयू पहुंचे तो उनकी मां के कानों से कुंडल गायब थे।
राजगुरु के मुताबिक उन्होंने राहुल और तनु से कुंडल मांगे तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने इस पर मैनेजर दीपक से शिकायत की तो उनके साथ बदसलूकी कर उन्हें धक्के देकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद वह फोन पर किला पुलिस को घटना की सूचना देकर अंतिम संस्कार करने चले गए। उन्होंने अस्पताल में भी फोन किया और दस दिन के अंदर कुंडल वापस करने को कहा लेकिन कुंडल वापस नहीं किए गए। रविवार को उन्होंने थाना किला में तहरीर दी तो नर्सिंग स्टाफ राहुल, तनु और मैनेजर दीपक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
इलाज के हर दिन 50 हजार
राजगुरु का कहना है कि मां दो दिन अस्पताल के आईसीयू में रहीं तो उनसे प्रतिदिन 50 हजार रुपये के हिसाब से एक लाख रुपये लिए गए। इसके अलावा जांच और दवाओं के लिए 45 हजार रुपये लिए गए।
विधायक ने निधि से दिए थे 25 लाख
विनायक अस्पताल के खिलाफ लगातार मरीजों से अवैध वसूली की खबरें आने के बावजूद पिछले दिनों जिले के एक विधायक ने अपनी निधि से उसे 25 लाख रुपये दिए थे। इस रकम से अस्पताल में क्या हुआ, इसका भी कुछ पता नहीं चला।