स्वच्छ सर्वेक्षण की मुख्य परीक्षा से पहले बरेली ने जनभागीदारी से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश भर में चलाए जा रहे सिटीजन फीडबैक अभियान में बरेली दूसरे नंबर पर काबिज हुआ है। नगर निगम की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, शहर के 48,956 निवासियों ने अब तक आधिकारिक एप के माध्यम से शहर की सफाई व्यवस्था पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। इस सूची में लखनऊ पहले स्थान पर है।
नगर निगम के व्यापक जन-जागरूकता अभियान को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। निगम प्रशासन न केवल सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को वोट करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि निगम की टीमें हर वार्ड में घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण का महत्व समझा रही हैं। नगर निगम के कर्मचारी और स्वच्छता दूतों की ओर से लोगों को मोबाइल एप डाउनलोड करने और उस पर शहर की रेटिंग देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि बरेली प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश में भी शीर्ष स्थान प्राप्त कर सके।
नागरिकों से पूछे गए प्रमुख प्रश्न
- क्या आपके घर/दुकान से रोजाना कचरा उठाया जाता है?
- क्या आपके घर/दुकान में सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किया जाता है?
- क्या कचरा उठाने वाला कचरा अलग-अलग तरीके से (कैटेगरी के अनुसार) उठाकर गाड़ी में डालता है, या एक में मिला देता है?
- क्या आपके इलाके में रोजाना झाडू लगाई जाती है?
- आप अपने इलाके की साफ-सफाई को कैसे रेट करेंगे?
- आप अपने इलाके के आस-पास कितनी बार लावारिस कूड़े के ढेर देखते हैं?
- आपके अनुसार स्थानीय प्रशासन मार्केट, बाज़ार, पार्क, गार्डन या दूसरी सार्वजनिक जगहों पर साफ-सफाई बनाए रखने में कितना असरदार हैं?
- क्या आप लोगों को खुलेआम सार्वजनिक जगहों पर या आस-पास शौच करते हुए देखते हैं?