एंटी फंगल इंजेक्शन की उपलब्धता लगभग शून्य, एफएसडीए ने शासन को भेजी मांग
बरेली। कोरोना का कहर तो खैर रोके नहीं रुक रहा, फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ब्लैक फंगस से भी मुकाबला कर पाने में सक्षण नहीं दिख रहा। बरेली में एंटी फंगल इंजेक्शन की उपलब्धता लगभग शून्य है। जरूरतमंद लोगों को इंजेक्शन के लिए दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए लिप्सोमल एम्फीटेरेसिन-बी एंटीफंगल इंजेक्शन इस्तेमाल किया जाता है। अब तक बरेली में ब्लैक फंगस के नौ मरीज मिल चुके हैं जिन्हें इस इंजेक्शन की जरूरत है मगर बरेली में इसकी उपलब्धता ही नहीं है। डॉक्टरों और दवा कारोबारियों के मुताबिक ब्लैक फंगस के केस पहले भी आते रहे हैं मगर साल भर में इनकी संख्या पांच-सात ही होती थी, इसी कारण मेडिकल स्टोर ये इंजेक्शन नहीं मंगाते थे। लिहाजा अब जरूरत के वक्त इंजेक्शन की अनुपलब्धता बड़ा संकट बनती जा रही है।
एक-दो दिन में आ जाएंगे इंजेक्शन
एफएसडीए की ड्रग इंस्पेक्टर उर्मिला वर्मा ने बताया कि बरेली में एंटी फंगल इंजेक्शन नहीं हैं। अगर दूसरे राज्यों में लोगों को यह इंजेक्शन ऊंचे दामों में मिल रहा है तो वे कैश मेमो के साथ इसकी लिखित शिकायत करें। संबंधित राज्य या शहर के प्रशासन को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। प्रदेश शासन को भी दवाएं और इंजेक्शन की आपूर्ति करने के लिए लिखा है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में आपूर्ति हो जाएगी।
दो हजार में मिला तीन सौ का इंजेक्शन
ब्लैक फंगस से पीड़ित मीरगंज की एक महिला के भाई प्रशांत ने बताया कि डॉक्टर ने लिप्सोमल एम्फीटेरेसिन-बी एंटीफंगल इंजेक्शन मंगाया था जो जिले भर में कहीं नहीं मिला। दिल्ली के एक परिचित ने उन्हें दो हजार रुपये में इंजेक्शन दिलाया। इंजेक्शन मिला तो उस पर सिर्फ तीन सौ रुपये का रेट प्रिंट था।
दिल्ली रेफर कर रहे हैं मरीजों को
जिले के एक निजी अस्पताल में जांच कराने पहुंचे बदायूं के दो मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। हालात गंभीर होने के बावजूद एंटीफंगल इंजेक्शन की उपलब्धता न होने से उन्हें दिल्ली रेफर करना पड़ा। न्यूरो फिजिशियन डॉ. राम सिंह कुशवाहा ने बताया कि ब्लैक फंगस के लिए एंटीफंगल इंजेक्शन बेहद जरूरी है। लेटलतीफी भारी पड़ सकती है। इलाज भी काफी महंगा है।