बरेली। बीते माह बिथरी चैनपुर क्षेत्र में सड़क किनारे दवा फेंकने के प्रकरण की जांच पूरी हो गई है। जांच में कुआडांडा सीएचसी से संबद्ध एक महिला सीएचओ दोषी मिली हैं। पता चला है कि मातृत्व अवकाश पर रहते हुए उन्होंने पति को दवा लेने ड्रग स्टोर भेजा था। उसी ने रास्ते में दवा फेंक दीं।
जांच अधिकारी एसीएमओ डॉ. राकेश ने शनिवार को जांच रिपोर्ट सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को सौंपी दी। रिपोर्ट के मुताबिक 19 अक्तूबर को ड्रग वेयर हाउस से कुआडांडा के एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर की प्रभारी महिला सीएचओ के नाम से दवाओं का स्टॉक लिया गया। स्वास्थ्य केंद्र पर जांच के लिए पहुंची टीम को मौके पर दवाएं नहीं मिलीं। पता चला कि महिला सीएचओ मातृत्व अवकाश पर हैं। लिहाजा, केंद्र पर खत्म हुई दवा का स्टॉक लेने उन्होंने पति को भेजा था। पति ने रास्ते में दवा फेंक दी थी। मामला सुर्खियां बना तो प्रकरण का खुलासा हुआ।
महिला सीएचओ की ओर से दायित्वों के निर्वहन में अनदेखी, नियम दरकिनार कर चिकित्सकीय कार्य से इतर अन्य व्यक्ति को दवा लेने के लिए भेजने समेत अन्य कार्यों में हीलाहवाली के चलते जांच रिपोर्ट शासन को भेजकर सीएमओ ने प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की है।
दर्द निवारक सिरप, अस्थमा, शुगर की फेंकी थीं दवाएं
सड़क किनारे फेंकी गई दवा की खेप में 11 पेटी इब्रूफेन सिरप के रहे, जो छोटे बच्चों को दर्द से राहत के लिए दिया जाता है। एक-एक पेटी कैल्सीफेरॉल जिलैटिन, सेबुटामॉल, मेटफॉर्मिन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट की है। जो अस्थमा, डायबिटीज, कैल्शियम, विटामिन समेत अन्य पोषक तत्वों की है। एक्सपायरी डेट दिसंबर 26 होने की वजह से उन्हें बिथरी सीएचसी पर रखवाया गया।
दवा फेंकने के प्रकरण की चल रही जांच पूरी हो गई है। इसमें दोषी मिलीं महिला सीएचओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो