इस बार उर्स-ए-रजवी का मंच कुछ खास होगा। कार्यक्रमों के साथ ही सामाजिक जागरूकता की मुहिम भी शुरू की जाएगी। आलिमों को तकरीर के लिए टॉपिक दिए जाएंगे। इस्लाम में महिलाओं के अधिकारों को लेकर खास चर्चा होगी।
दरगाह के प्रवक्ता मुफ्ती मोहम्मद सलीम नूरी ने बताया कि इस बार उर्स कार्यक्रम के दौरान समाज में फैली बुराइयों के खात्मे की मुहिम शुरू की जा रही है। उनका कहना है कि इस समय देश व समाज तलाक, चोरी, नशाखोरी, जुआ, बेहयाई, बेपर्दिगी, दुष्कर्म, सूदखोरी जैसी बुराइयों से ग्रसित है। इस बात को ध्यान में रखते हुए उर्स रजवी में आने वाले जायरीन से अल्लामा सुब्हानी मियां संकल्प दिलाएंगे कि सभी अपने-अपने इलाकों में कुरीतियों के खात्मे की मुहिम चलाएंगे। इसके लिए उर्स के दौरान हैंडबिल और पैगामात वितरित किए जाएंगे।
उर्स में दरगाह प्रमुख अल्लामा सुब्हानी मियां व सज्जादा मौलाना अहसन मियां ने यह व्यवस्था भी की है कि उर्स रजवी के स्टेज से तकरीर करने वाले चुनिंदा आलिमों को तकरीर के लिए टॉपिक दिया जाएगा। नमाज, रोजा, हज, जकात और बुजुर्गों की जिंदगी पर रोशनी डालने के अलावा मानवाधिकार, महिलाओं के अधिकार, पड़ोसियों के अधिकार, आतंकवाद, बढ़ती असहिष्णुता, भ्रष्टाचार आदि पर चर्चा की जाएगी। सूफी विचारधारा के अपनाने, खानकाहों और मजारों पर आस्था रखने जैसे मुद्दों पर भी तकरीर होगी।