फतेहगंज पश्चिमी। ठिरिया खेतल निवासी राजेश प्रजापति (22) की मौत के मामले में हिरासत में लिए गए युवकों ने पुलिस को बताया कि हादसे में राजेश घायल हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। युवकों ने घबराकर शव को जंगल में फेंक दिया।
गांव ठिरिया खेतल के सुम्मेरी लाल प्रजापति ने पुलिस को बताया था कि उनका बेटा राजेश ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। वह बृहस्पतिवार दोपहर सप्ताहभर की मजदूरी के रुपये लेने दो युवकों के साथ गया था। घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश की। अगले दिन उनासी के राजवीर और ठिरिया खेतल के मुनेंद्र के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को सहोड़ी महाराज जी के पास जंगल में सागौन के खेत में शुक्रवार दोपहर में राजेश का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। सिर में चोट के निशान मिलने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस के मुताबिक, राजेश की जेब से 25,760 रुपये नकदी और मोबाइल फोन मिलने से लूट की आशंका खत्म हो गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि ईंट भट्ठे से मजदूरी मिलने के बाद दोनों ने राजेश के साथ शराब पी थी। इसके बाद वे लोग स्कूटी से रहपुरा गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में स्कूटी अनियंत्रित हो गई। गिरने से राजेश के सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद दोनों युवकों ने राजेश को रहपुरा के एक चिकित्सक के पास ले जाकर पट्टी कराई। उपचार के लिए दूसरी जगह ले जाने के दौरान राजेश ने दम तोड़ दिया। आरोपियों ने बताया कि मौत से वे लोग घबरा गए। पुलिस हत्यारोपी न मान ले इसलिए दोनों ने राजेश के शव को जंगल में फेंक दिया और भाग गए।
राजेश का शव मिलने के मामले में लोकेशन और सीसी कैमरों की फुटेज की जांच में राजेश को दो साथियों के साथ जाता पाया गया। दोनों साथियों से पूछताछ की गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। - शिवम आशुतोष ,सीओ हाईवे, बरेली