नवाबगंज। खाना खाने के बाद टहलने निकले सिजौलिया गांव निवासी शहीद अहमद (30 वर्ष) का शव नदी में उतराता मिला। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। उन्होंने पोस्टमॉर्टम कराए बिना ही शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
सिजोलिया गांव निवासी महमूदन ने बताया कि उनका बेटा शहीद अहमद मानसिक रूप से अस्वस्थ था। बुधवार को देर शाम खाना खाने के बाद वह टहलने के लिए निकल गया। काफी देर बाद भी लौटकर न आने पर परिवार वालों को चिंता हुई। काफी तलाश के बाद भी रात में उसका कुछ पता नहीं चल पाया।
बृहस्पतिवार को सुबह के समय कुछ लोगों ने गांव के पास बह रही सिंघिया नदी में उसका शव उतराता देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए। सूचना पर आई पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया।
थाना प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से भी मना कर दिया। इसके बाद शव को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया गया।