बरेली। रामगंगानगर आवासीय योजना से बड़ा बाईपास आना-जाना अब और आसान होगा। इसके लिए योजना के सेक्टर-एक स्थित ब्रह्मपुत्र एंक्लेव से 18 मीटर चौड़ी और तीन किलोमीटर लंबी नई सड़क प्रस्तावित की गई है। इससे करीब एक लाख से अधिक आबादी को आवागमन में सहूलियत होगी।
अभी यह मार्ग कहीं आठ तो कहीं 18 मीटर चौड़ा है। चौड़ीकरण के लिए सरकारी जमीन नहीं थी, इसलिए इसका प्रस्ताव फंसा था। अब किसानों ने बीडीए की पहल पर चौड़ीकरण के लिए बगैर मुआवजा के जमीन देने पर सहमति दे दी है। चालीस किसानों से समझौता हो भी गया है। कुछ किसान रह गए हैं, जिनकी लिखित सहमति के साथ ही परियोजना धरातल पर उतरेगी।
बीडीए ने करीब डेढ़ साल पहले रामगंगानगर के सेक्टर एक स्थित ब्रह्मपुर एंक्लेव से अब्दुल्लापुरमाफी, चंदपुर बिचपुरी, कचौली व अहलादपुर होते हुए बड़ा बाईपास तक के इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सर्वे किया था। तब इसे नाथ कॉरिडोर में शामिल करते हुए लोक निर्माण विभाग ने शासन से बजट मांग लिया था। चौड़ीकरण के लिए कुछ स्थानों पर अधिग्रहण का प्रावधान था। ऐसे में शासन ने मना कर दिया था।
बाद में कई किसानों ने कहा कि चौड़ीकरण से उनके क्षेत्र में विकास को नया आयाम मिल सकता है। इसलिए वे अपनी जमीन देने को तैयार हैं। इसी पर बीडीए ने फिर नए सिरे से इस परियोजना को धरातल पर उतारने का निर्णय किया है। बीडीए के सचिव योगेंंद्र कुमार ने बताया कि चौड़ीकरण के लिए जल्द सहमति का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसके टेंडर निकालकर सड़क का निर्माण कराएंगे। इस पर करीब बीस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शहर के लोगों को भी मिलेेगा फायदा
चौड़ीकरण से रामगंगानगर और अबदुल्लापुरमाफी समेत चार गांवों को ही नहीं शहर के लोगों को भी लाभ मिलेगा। वनखंडीनाथ चौराहे से एग्जीक्यूटिव क्लब रोड और अब्दुल्लापुर होते हुए शहर को कम दूरी वाली एक अतिरिक्त कनेक्टिविटी मिल सकेगी। पीलीभीत रोड पर प्रस्तावित बीडीए की नई आवासीय योजना को भी एक मार्ग मिल जाएगा। ब्यूरो