जालसाजी से बचने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने दसवीं और बारहवीं के उत्तीर्ण छात्राें को बार कोड के साथ मार्कशीट देने की योजना बनाई है। इस विशेष गोपनीय कोड के जरिये मार्कशीट के असली और नकली की पहचान हो सकेगी। इस साल पास हुए विद्यार्थियों को बार कोड वाली मार्कशीट दी जाएगी।
पिछले साल जुलाई से पहले बच्चाें के हाथ में मार्कशीट आ गई थी लेकिन इस बार जुलाई बीतने को है, लेकिन कई स्कूलाें में मार्कशीट नहीं पहुंची है। कुछ स्कूलों में मार्कशीट क म्पार्टमेंट परीक्षा के बाद पहुंचेगी। इस बार आई विशेष मार्कशीट में फोटो के नीचे कोड बनाया गया है। कोड के असली और नकली होने की पहचान सीबीएसई के पास सुरक्षित रहेगी। अगर किसी को इस संबंध में जानकारी लेनी होगी तो वह सीधे बोर्ड से संपर्क करेंगे।
आसान हुआ फर्जी मार्क शीट पकड़ना
सीबीएसई के सिटी कोआर्डिनेटर आरसी धस्माना ने बताया कि कई बार बच्चे विदेशों में नौकरी और पढ़ाई के लिए आवेदन करते हैं। वहां से मार्कशीट सत्यापित करने के लिए स्कूलाें में भेजी जाती हैं। जब कि सही मार्कशीट की जानकारी स्कूल वालाें को भी नहीं होती। अब यह कोड असली और नकली की पहचान बताएगा। इसके लिए सीधे बोर्ड में ही स्कैनिंग होगी।