बरेली कालेज में चलने वाले कई डिप्लोमा कोर्स बंद होने की कगार पर पहुंच गये हैं। वजह यह है कि इन पाठ्यक्रमों में दाखिले नहीं हो रहे हैं। नियमत: 10 छात्रों से कम दाखिले पर यूनिवर्सिटी परीक्षा संचालन की अनुमति नहीं देती है। ऐसे में, आफिस मैनेजमेंट, इनवायरमेंट मैनेजमेंट, मूर्तिकला, बिजनेस लॉ और इश्यू कल्चर-फ्लोरीकल्चर जैसे डिप्लोमा कोर्सों बंद हो सकते हैं। इनमें नए शैक्षिक सत्र के लिए अब तक एक भी प्रवेश नहीं हुए हैं। इनके अतिरिक्त कालेज में पीजीडीसीए (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन), पीजीडीएमसी (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मास कम्यूनिकेशन), पीजी डिप्लोमा इन बायोटेक, पीजी डिप्लोमा इन मार्डन अरेबिक के अतिरिक्त फोटोग्राफी, फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियल डिजाइनिंग और टेक्सटाइल में डिप्लोमा कोर्स भी संचालित हैं लेकिन इनमें भी अब तक बहुत कम दाखिले हुए हैं। एडमिशन फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। यूनिवर्सिटी की गाइड लाइन के मुताबिक जिन कोर्सों में 10 से कम एडमिशन होंगे, उनमें परीक्षा कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके चलते फैशन डिजाइनिंग, इंटीरियल डिजाइनिंग, टेक्सटाइल और फोटोग्राफी डिप्लोमा कोर्सों पर भी संकट की स्थिति है क्योंकि इनमें अभी तक 10 से कम प्रवेश हुए हैं। हालांकि कालेज प्रशासन को उम्मीद है कि शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले पर्याप्त एडमिशन हो जाएंगे।
परंपरागत पाठ्यक्रमों को मिल रही तरजीह
बरेली कालेज में चलने वाले तमाम डिप्लोमा कोर्स के प्रति छात्र-छात्राओं में रुझान नहीं है। यही वजह है कि एडमिशन नहीं हो रहे हैं जबकि रोजगार की दृष्टि से इन पाठ्यक्रमों का काफी महत्व है। माना जा रहा है कि बरेली के विद्यार्थी डिप्लोमा कोर्स की जगह स्नातक और स्नातकोत्तर के परंपरागत कोर्सों को ज्यादा महत्व देते हैं। इसके अलावा कई विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी भी नहीं है। हां कुछ विद्यार्थियों के लिए इन पाठ्यक्रमों की अधिक फीस भी मुसीबत की वजह बन रही है।
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बरेली कालेज में संचालित डिप्लोमा कोर्स रोजगार के लिहाज से बहुत उपयोगी हैं। इनकी पढ़ाई कर विद्यार्थी बेहतर कॅरिअर की ओर बढ़ सकते हैं।
-डॉ. अजय शर्मा, प्रभारी प्राचार्य