बरेली। बीडीए बीते 43 साल से खरीदार की रकम दबाए बैठा है। आशीष रॉयल पार्क निवासी सेवानिवृत सैन्य अधिकारी नवीन चंद्र पांडे ने वर्ष 1981-82 में प्राधिकरण की त्रिवटीनाथ योजना में भूखंड के लिए एक हजार रुपये की पंजीकरण राशि जमा की थी। उन्हें न तो भूखंड आवंटित हुआ, न ही उनकी रकम लौटाई गई। रामगंगानगर स्थित बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के नए कार्यालय में बृहस्पतिवार को आयोजित प्राधिकरण दिवस में पहुंचकर उन्होंने ब्याज के साथ रकम लौटाने की गुहार लगाई। बीडीए वीसी मनिकंडन ए ने निस्तारण का आश्वासन दिया है।
गार्डन सिटी के दिनेश चंद्र पंत ने बताया कि ग्रेटर बरेली योजना में उन्होंने 162 वर्गमीटर का भूखंड आवंटित कराया था। 26 दिसंबर 2023 तक उन्होंने पूरा भुगतान कर दिया, पर न तो कब्जा मिला, न ही बैनामा हो सका। साइट पर यह बताने को कोई तैयार ही नहीं कि उनका भूखंड कहां है। ऑनलाइन सिस्टम में उन पर 5,83,000 रुपये का बकाया दर्शाया जा रहा है। बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि दो महीने के भीतर भूखंड पर कब्जा दिया जाएगा। बकायेदार दर्शाने संबंधी त्रुटि को सुधारने के निर्देश अधिकारियों को दिए। ब्यूरो
ब्याज माफी की गुजारिश पर अधिकारी बोले- ऐसी कोई योजना नहीं
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बजरिया पूरनमल निवासी प्रमोद कुमार अग्रवाल के नाम आवास आवंटित हुआ। प्रमोद ने बताया कि 20,000 हजार रुपये जमा किए थे। वह किस्त जमा कर सकते हैं लेकिन पूर्व में टूटी किस्तों पर ब्याज देने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए ब्याज माफ कर दिया जाए। इस पर बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल, ऐसी कोई योजना नहीं है। कुल तीन शिकायतें आईं। फरियादियों को समाधान के बजाय सिर्फ आश्वासन ही मिले।