फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: आजादी में बाधा बनी जुर्माने की रकम, भुगत रहे सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। केंद्रीय कारागार दो में बंद परमजीत, मोनू और फरदीन रिहाई के लिए तरस रहे हैं। तीनों बंदी जुर्माने की राशि अदा न करने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे हैं। जुर्माने की रकम तीनों की रिहाई में बाधा बन गई है।
विज्ञापन

जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बहेड़ी के रम्पुरा निवासी परमजीत पर जानलेवा हमले का मामला वर्ष 2017 में दर्ज हुआ था। इस मामले में परमजीत को अदालत ने दस वर्ष सश्रम कैद की सजा सुनाई थी। परमजीत पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। परमजीत की सजा सात जनवरी 2026 को पूरी हो गई है। अब वह जुर्माना जमा नहीं कर पाने की वजह से अतिरिक्त सजा भुगत रहा है।
सुभाषनगर के वीरभट्टी निवासी मोनू पर वर्ष 2017 में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने मोनू को सजा के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। नौ जनवरी 2026 को मोनू की सजा पूरी हो चुकी है। जुर्माना अदा नहीं कर पाने के कारण मोनू भी अतिरिक्त सजा भुगत रहा है।
विज्ञापन

इसी तरह शहर के जोगी नवादा निवासी फरदीन को अदालत ने एनडीपीएस एक्ट में सजा सुनाई थी। उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। 24 जनवरी को फरदीन की सजा पूरी हो चुकी है। अब वह अर्थदंड की अतिरिक्त सजा भुगत रही है। ब्यूरो

ऐसे मामलों में कई बार जेल प्रशासन व निजी संगठनों के सहयोग से जुर्माने की रकम जमा करा दी जाती है। पिछले दिनों ऐसे कई लोगों को छोड़ा गया है जो मामूली जुर्माना जमा नहीं कर पाने की वजह से जेल में बंद थे। अब केवल तीन बंदी ही इस तरह के मामलों में बंद हैं। - विपिन मिश्रा, वरिष्ठ अधीक्षक, केंद्रीय कारागार दो
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें