इस बार कॉलेजों ने अगर मानकों के विपरीत प्रवेश लिए तो विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म या परीक्षा निरस्त की जाएगी। पेनाल्टी लगाकर रिजल्ट जारी करने की परंपरा खत्म की दी जाएगी। बीते साल दो हजार विद्यार्थियों के प्रवेश मानकों के विपरीत हुए थे। इनसे दो-दो हजार रुपये पेनाल्टी वसूली गई थी। विवि ने सभी कॉलेजों को पत्र जारी कर आगाह किया है कि इस बार ऐसा होने पर परीक्षा फार्म और परीक्षा देने पर परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी।
दरअसल, पिछले साल कई कॉलेजों ने एडमिशन करने में मानकों का ख्याल ही नहीं रखा था। ऐेसे विद्यार्थियों को नया मानकर प्रवेश दे दिया गया जो पहले से किसी अन्य कॉलेज में पंजीकृत थे और फेल होने पर दूसरे कॉलेज में प्रवेश ले लिया। कुछ ऐसे थे, जिन्होंने स्नातक में तीन साल से अधिक का गैप होने के बावजूद पीजी में प्रवेश लेे लिया। कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने एक ही वर्ष में दो कोर्स से परीक्षा फॉर्म भर दिया। कुछ को तो 45 फीसदी से कम अंक होने पर भी पीजी में प्रवेश दे दिया गया था। बहुत से विद्यार्थियों ने कोर्स पास करने की न्यूनतम समय सीमा पूरी होने के बाद भी फॉर्म भरे। इनके रिजल्ट विवि ने रोक दिए थे। विवि की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब परीक्षा फॉर्म भरवाने की तैयारी है। प्रक्रिया ऑन लाइन होने के बावजूद कई कॉलेजों ने मानकों को दरकिनार कर प्रवेश लिए हैं। बरेली कॉलेज में ही पीजी में पांच दाखिले गलत हुए हैं। विवि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इनके परीक्षा फॉर्म विवि आए तो निरस्त कर दिए जाएंगे।
कॉलेजों को पत्र भेज दिया गया है। इस बार मानकों के विपरीत प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के परीक्षा फॉर्म निरस्त कर दिए जाएंगे। किसी तरह से परीक्षा हो भी गई तो इसे भी रद्द कर दिया जाएगा।
- महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक