बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नम्रता अग्रवाल ने हाफिजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव के बाल अपचारी के मामले में किशोर न्याय बोर्ड का आदेश निरस्त कर दिया। कोर्ट ने बाल अपचारी को उसकी मां के संरक्षण में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
हाफिजगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी देवेंद्र कुमार ने बाल अपचारी के खिलाफ 20 फरवरी को जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि बाल अपचारी का पिता भी उसके साथ था। बाल अपचारी ने तमंचे से उन पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। गोली उनके पैर में लगी और वह घायल हो गए।
किशोर अपचारी 22 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में है। शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर 15 मई को उसे किशोर घोषित किया जा चुका है। इसके बाद किशोर अपचारी की मां ने किशोर न्याय बोर्ड में उसके संरक्षण के लिए याचिका दाखिल की, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड ने 21 मई को याचिका निरस्त कर दी। इसके बाद से बाल अपचारी संप्रेषण गृह में है।
किशोर न्याय बोर्ड के इस फैसले के विरोध में किशोर अपचारी की मां ने अपर सत्र न्यायालय की शरण ली। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायालय ने किशोर न्याय बोर्ड के 21 मई के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किशोर अपचारी को जमानत पर छोड़े जाने से न्याय का उद्देश्य विफल नहीं होगा और न ही किशोर अपचारी के नैतिक व मानसिक खतरे में पड़ने की संभावना है।
-
कमजोर पड़ा पुलिस का पक्ष, हथियार तस्करी के आरोपी को मिली जमानत
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने हथियार तस्करी के आरोपी उत्तराखंड के किच्छा थाना क्षेत्र के गांव दरऊ निवासी गफ्फार खां की जमानत याचिका स्वीकृत कर ली है। बहेड़ी पुलिस ने उसको 19 मई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में है।
इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की पैरवी कमजोर साबित हुई। आरोपी के खिलाफ पहले से 10 मामले दर्ज हैं। उसकी पत्नी भी जेल जा चुकी है।
शहर में 26 सितंबर 2025 को बवाल के दौरान हिंसा के लिए हथियारों की सप्लाई की गई थी। इस मामले में बहेड़ी पुलिस ने शेरगढ़ अड्डे के पास से बहेड़ी के जोखनपुर निवासी तस्लीम और शेरगढ़ के बरीपुरा निवासी सोमू खान उर्फ औशाफ को गिरफ्तार किया गया था।
इनके पास इटली, चाइना और जापान निर्मित पांच पिस्टल और काफी संख्या में कारतूस बरामद किए गए। दोनों ने पूछताछ में बताया था कि वह पिस्टल और कारतूस उत्तराखंड के किच्छा थाने के गांव दरऊ निवासी गफ्फार खां और समी खां को सप्लाई करने जा रहे थे।
इस मामले में मौलाना तौसीफ के करीब मुडनपुर जनूबी निवासी इशरत को भी गिरफ्तार किया गया। 19 मई को पुलिस ने गफ्फार को किच्छा से गिरफ्तार कर लिया। उसने वकील के जरिये जमानत याचिका देकर बताया कि उससे कोई बरामदगी नहीं की गई।
मुख्य गिरफ्तारी के तीन माह बाद उसे साजिशन गिरफ्तार किया गया और गिरफ्तारी के 10 दिन बाद उससे बरामदगी दिखाई गई। अभियोजन पक्ष इसके विरोध में ठोस तर्क नहीं दे सका। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गफ्फार को 50 हजार रुपये के बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया है।