बरेली। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट रामानंदन ने दुष्कर्म के दोषी को सात साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उसके सगे भाई को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष आरोपियों पर पाॅक्सो एक्ट का आरोप साबित नहीं कर सका। पीड़िता ने भी आरोपियों के पक्ष में बयान दिए। भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 14 साल की बेटी 27 अगस्त 2016 की शाम सात बजे शौच के लिए गई थी। इस दौरान रिंकू और गुड्डू उसको अपने साथ ले गए। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की। बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव परसुरा निवासी रमनपाल का नाम प्रकाश में आया।
हालांकि, घटना के दिन वह बदायूं जिला जेल में था। तब पुलिस ने उसके भाई और जगतपाल उर्फ कल्लू को भी आरोपी बनाया। सीडीआर से पता चला कि रमनपाल, पीड़िता से लगातार बात करता था। पुलिस ने पांच नवंबर को दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि परिजन उसकी शादी उससे दोगुनी उम्र के व्यक्ति से कराना चाहते थे। वह कक्षा पांच तक पढ़ी है। अपनी मर्जी से रमनपाल के घर चली गई थी। मंदिर में रमनपाल से शादी भी कर ली थी। रमनपाल ने उसके साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं की। पीड़िता ने अपना मेडिकल परीक्षण कराने से भी इन्कार कर दिया था। उसने अपनी उम्र 19 साल होने का दावा किया। अभियोजन की ओर से वादी और पीड़िता समेत छह गवाह व सात साक्ष्य पेश किए गए।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पाॅक्सो एक्ट से बरी कर दिया। रमनपाल को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उसे सजा सुनाई, जबकि जगतपाल उर्फ कल्लू को बरी कर दिया। संवाद