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पुलिस पर तब्लीगियों का हमला और चौकी फूंकने का मचा शोर

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बवालियों पर पुलिस ने जमकर बरसाईं लाठियां। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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इज्जत नगर की घटना के बाद मिनटों में फैली अफवाहों ने फैलाया भ्रम

बरेली। इज्जत नगर की घटना के बाद पलक झपकते ही माहौल में अफवाहें तैर गईं। दूरदराज जिलों के लोग भी घटना से जुड़े वीडियो शेयर करके बरेली में बवाल का दावा करने लगे। गंभीर अफवाहों का जवाब देना पुलिस प्रशासन के लिए मुश्किल हो गया।
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करमपुर चौधरी प्रकरण में पहली बड़ी अफवाह पुलिस की पिटाई के शिकार युवक की मौत की आई। दरअसल इसी के बाद ग्रामीणों के अलावा कई और लोगों ने चौकी पहुंचकर भीड़ बढ़ाई और लोगों को उकसाने का काम किया। एक अफवाह एएसपी पर जानलेवा हमले की आई। जबकि वीडियो में साफ दिख रहा था कि किस तरह कार्रवाई के दौरान वह फिसलकर गिर पड़े हैं। तीसरी अफवाह उड़ी कि पुलिस तब्लीगियों की तलाश में उनके गांव गई थी और जमातियों ने सिपाहियों और चौकी पर हमला कर चौकी फूंक दी। सच जानने को लेकर लोग इधर उधर फोन करते रहे।

बलवे की धारा लगाईं, चार सिपाही घायल बताए

देर रात चौकी प्रभारी दिनेश कुमार की ओर से लियाकत पुत्र दौलत खां समेत 43 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इनमें तीन महिलाओं के नाम शामिल थे। पुलिस ने 42 लोगों को हिरासत में लेने की बात स्वीकारी। 150 लोग अज्ञात दिखाए। इनमें से 39 पुरुष व तीन महिलाएं गिरफ्तार दिखा दी गईं। मौके से लाठी, डंडे, ईट पत्थर व बाइक बरामद दिखाई। पुलिस के मुताबिक राजीव समेत चार सिपाही भी घटना में घायल हुए हैं जिनका उपचार कराया जा रहा है। इन पर बलवे के साथ ही सेवन क्रिमनल लॉ एक्ट की धाराएं लगाई हैं।

प्रधान का पति बोला- चौकी इंचार्ज से तकरार की सजा मिली

घटना के बाद पुलिस ने प्रधान के पति तसव्वर को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी का कहना था कि तसव्वर ही घटना का सूत्रधार बताया जा रहा है। वह खुद तो मौके से चला आया पर लोगों को उकसाकर चौकी भेज दिया। सच्चाई क्या है, यह विवेचना में सामने आएगी। वहीं तसव्वर ने पत्रकारों को बताया कि चौकी प्रभारी दिनेश कुमार उनके इलाके में अवैध धंधों को बढ़ावा देते हैं। उसने इनके खिलाफ अधिकारियों से शिकायत की थी। इनसे परेशान होकर थाने के व्हाट्सएप ग्रुप में भी उन्होंने चौकी प्रभारी के खिलाफ टिप्पणी की। तभी से उनसे बोलचाल बंद थी। कश्मीर खां को पुलिस ने खेत से लौटते वक्त पीटा। उनका उससे कोई रिश्ता भी नहीं। इंस्पेक्टर के कहने पर उसे साथ लेकर अस्पताल आए। पीछे पुलिस ने घर में दबिश देकर परिवार से अपराधियों जैसा बर्ताव किया। वह कोर्ट में जाएंगे। वहीं, गांव के लोगों ने भी अपने लड़कों को निर्दोष बताकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
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