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Bareilly News: नवाबगंज में बंदरों-कुत्तों का आतंक, एक दिन में 25 और महीने में 750 लोगों को बनाया शिकार

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मो. खाजा। स्रोत: स्वयं
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नवाबगंज। नवाबगंज में बंदरों और कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। आए दिन ये जानवर लोगों को काटकर घायल कर रहे हैं। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। रविवार को नगर के नौ लोगों और देहात क्षेत्र के 16 से अधिक लोगों को इन जानवरों ने काटकर घायल कर दिया। इस तरह महीने में 750 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस बीच गुस्साए लोगों ने नई बस्ती पश्चिमी में पागल कुत्ते को पीटकर मार डाला। परेशान लोगों ने नगरपालिका परिषद के अधिकारियों से बंदरों और कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है।
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नगर व देहात क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बना हुआ है। नगर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी इरशाद अहमद सलमानी, शफीक अहमद, मोहम्मद खिजर, नाजिम की बेटी, सोनू को कुत्ते व परेवा कुर्मियान गांव की गीता, गरेम गांव के लालू जैदी को बंदरों ने काट लिया है, जिससे लोग घायल हो गए। सीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट देवेश कुमार ने बताया कि रविवार को काफी संख्या में लोग रैबीज लगवाने आए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी को रैबीज का टीका लगा दिया गया है।



टीका लगवाने पहुंचे घायलों ने जिम्मेदारों को कोसा

नगर के सीएचसी अस्पताल में रैबीज का टीका लगवाने पहुंचे घायलों ने बताया कि नगर में कुत्तों और बंदरों ने जीना मुहाल कर रखा है। नगर पालिका परिषद और वन विभाग की टीम को कुत्तों और बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ना चाहिए, लेकिन ऐसा न होने से लोगों के समक्ष समस्या बरकरार है।
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प्रतिदिन 25 से 30 लोगों का काट रहे हैं ये जानवर

सीएचसी नवाबगंज के चिकित्साधीक्षक डॉ. अमित गंगवार ने बताया कि ये जानवर प्रतिदिन 25 से 30 लोगों को काट रहे हैं। प्रतिदिन सीएचसी केंद्र पर घायलों को एंटी रैबीज का टीका लगाया जा रहा है। इस तरह एक महीने में करीब 750 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया।
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बंदर-कुत्तों को पकड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। यह कार्य वन विभाग का है।

प्रेम लता राठौर, नगर पालिका अध्यक्ष
संवाद

मो. खाजा। स्रोत: स्वयं

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