टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड सदाकत अपने नेटवर्क का संचालन में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था। टेरर फंडिंग और हवाला मामले की जांच में जुटीं एजेंसियों को फेसबुक पर सदाकत के करीब दस अकाउंट की जानकारी मिली है।
सदाकत की फ्रेंड लिस्ट में आठ सौ के आसपास तो सिर्फ नाइजीरियाई ही जुड़े हैं। इन प्रोफाइल की छानबीन के दौरान बैंक खातों, आधार कार्ड और पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी सरकारी साइट के लिंक डालकर भेजे जाने का पता चला है।
लखीमपुर खीरी में पकड़े गए टेरर फंडिंग के आरोपियों ने शहर में इज्जतनगर के गांव परतापुर चौधरी निवासी सदाकत, उसके ड्राइवर फहीम और साथी सिराज के नाम लिए थे। एटीएस ने फहीम और सिराज को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सदाकत पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चकमा देकर एक पुराने मामले में अपनी जमानत तुड़वाकर जेल चला गया।
इसके बाद पुलिस लगातार उसका नेटवर्क खंगाल रही है। फेसबुक पर सदाकत हुसैन के नाम से चल रहीं उसकी करीब दस प्रोफाइल सामने आई हैं। इनमें सिर्फ एक मेन और बाकी नेटवर्क ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल करने की जानकारी मिली है।
सदाकत की मेन फेसबुक प्रोफाइल में शहर, पड़ोसी जिलों और प्रदेश के कई नामी लोग जुड़े हैं। इनमें वकील, पुलिसकर्मी, व्यापारी और कई नेता शामिल हैं। बाकी प्रोफाइल में नाइजीरिया, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, युगांडा, तुर्की, त्रिपोली, लूसियाना, फिलीपींस और अन्य मुस्लिम देशों के हजारों लोग जुड़े हैं।
एक प्रोफाइल में तो नाइजीरिया के ही करीब आठ सौ लोग जुड़े हैं। इनमें कई महिलाएं भी हैं। ज्यादातर लोग इनमें नाइजीरिया के लागोस शहर के हैं। इस नेटवर्क से जुड़े दो नाइजीरियाई को पुलिस ने दो दिन पहले ही महाराष्ट्र से गिरफ्तार भी किया है।
मेन प्रोफाइल में सदाकत ने अपनी बरेली शहर से जुड़ी जानकारी डाली है, जबकि बाकी सब में उसने खुद को दिल्ली का निवासी बताया है। जांच में यह भी सामने आया है कि सदाकत ने फेसबुक पर ही बैंक खातों, आधार कार्ड, पासपोर्ट और अन्य प्रमाण पत्रों से जुड़ी जानकारी के सरकारी साइटों के लिंक संदिग्धों को सेंड कर रखे हैं।
दो प्रोफाइल पर उसने अलग-अलग नंबर डालकर आधार कार्ड समेत कई प्रमाण पत्र बनाने की एक एजेंसी का ब्योरा भी पोस्ट कर रखा है। इन प्रोफाइल से जुड़े ज्यादातर लोगों ने फेसबुक पर खुद को अर्थशास्त्र और अकाउंटेंसी से जुड़ा बताया है।
कवर पेज पर समाज सेवी और पुलिस अधिकारी का फोटो
सदाकत की मेन आईडी, जिसमें शहर के तमाम नामी लोग जुड़े हैं, कवर पेज पर किला के एक समाज सेवी और शहर में रहे एक पुलिस अधिकारी का भी फोटो लगा है। इस समाज सेवी की थानों से लेकर शहर के तमाम अधिकारियों के दफ्तरों में अच्छी पैठ है। साथ ही सदाकत और इसकी प्रोफाइल से जुड़े कई लोग भी कॉमन हैं। सिर्फ इसी आईडी पर सदाकत ने खुद से जुड़ी ठीक जानकारी डाल रखी है।