आतंकियों को मुहैया कराने के लिए रकम नेपाल से मंगाकर उसे भारतीय मुद्रा में बदलवाने के नेटवर्क में नेपाल सीमा वाले पीलीभीत से लेकर लखीमपुर होते हुए महराजगंज जिलों के सौ से अधिक लोग शामिल थे। ये सभी एटीएस के रडार पर हैं।
विज्ञापन
फिलहाल एटीएस ने अब तक ऐसे 30 लोगों को अपनी लिखापढ़ी में ले लिया है। इनमें से फिलहाल चार पकड़े गए हैं। बाकी की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।
टेरर फंडिंग का काम सिर्फ लखीमपुर खीरी और आसपास के नेपाल के सीमावर्ती जिलों में ही नहीं है, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी चल रहा है। लखीमपुर खीरी में पकड़े गए टेरर फंडिग गिरोह के लोगों के मोबाइल से मिले इनपुट से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जो लोग इस मामले में पकड़े गए हैं, वे इस नेटवर्क की सबसे छोटी कड़ी हैं। इस रैकेट का सरगना नेपाल में है। वहीं से वह आतंक को पनाह देने के लिए रुपये मंगाकर पहुंचवा रहा है।
विज्ञापन
टेरर फंडिंग के जरिये यूपी के अलवा बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश में भी आतंकी माड््यूल तेजी से सक्रिय हैं। यूपी एटीएस उनकी तलाश कर रही है। पिछले दिनों टेरर फंडिंग के इस नेटवर्क का पता चलने के बाद एटीएस ने सर्विलांस की मदद ली थी, इसमें सौ से अधिक लोग निशाने पर थे।
30 के बारे में पुष्टि होने के बाद उनके नाम पुलिस ने खोल दिए और फिर चार लोग एक दिन पहले गिरफ्तार कर लिए। बाकी के बारे में पता किया जा रहा है। हैरानी है कि इतना सब कुछ लंबे समय से चल रहा था, मगर किसी भी राज्य का खुफिया तंत्र पता नहीं लगा पाया। अब एटीएस ने इस मामले को पकड़ा और फिर लखीमपुर खीरी पुलिस की मदद से पटाक्षेप कर दिया।
बिहार के भी कई जिलों में फैला है नेटवर्क
टेरर फंडिंग के लिए नेपाल से रकम लाने के काम में सबसे ज्यादा लोग यूपी के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जिलों में हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा नेपाल से सटे बिहार के मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्णिया, किशनगंज, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सुपौल आदि में भी यह नेटवर्क फैला हुआ है। ये लोग कमीशन लेकर नेपाल के रुपये को भारतीय मुद्रा में बदलवाने और उसे नेपाल से भारत लाकर दिल्ली तक पहुंचाने के काम में लगे हैं।
भारत में बैंकों समेत सभी जगह मोटी रकम पर नजर रखे जाने के बाद आतंकियों के आकाओं ने टेरर फंडिंग का रास्ता बदला है। कुछ वर्ष पहले भी नेपाल के जरिये रकम आती थी, मगर अब लगभग पूरी तरह टेरर फंडिंग नेपाल के जरिये ही हो रही है।
एसपी पूनम ने बताया कि नेपाल में बैठे आका के जरिये रुपये भारत की बैंकों में भेजने के बजाय अब नेपाल के बैंकों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस नेटवर्क का पता लगाने के लिए एक टीम नेपाल जाएगी। नेपाल के अफसरों से संपर्क किया जा रहा है।
सेना के अड्डे और रिफाइनरी निशाने पर, एडीजी ने जारी किया अलर्ट
लखीमपुर खीरी। खुफिया विभाग के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन ने पश्चिमी यूपी के सेना के ठिकानों और रिफाइनरी को नुकसान पहुंचाने के लिए इस समय सक्रियता बढ़ाई है।
उसी काम के लिए नेपाल के जरिये यह रकम मंगाकर आतंकियों को पहुंचाई गई है। यह पता चलने के बाद एडीजी कानून व्यवस्था ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर आईबी, एलआईयू समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करने के आदेश दिए हैं।