बरेली के सुभाष नगर क्षेत्र में मां की मौत के बाद से अवसाद में घिरे दसवीं के एक छात्र ने सोमवार दोपहर फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। उसने परिवार के नाम जो सुसाइड नोट छोड़ा है, उसे पढ़कर पुलिस भी हैरत में है। इसमें लिखा है- 'मुझमें लड़कियों जैसे गुण हैं। चेहरा भी लड़कियों जैसा दिखता है। मैं इस तरह की जिंदगी जीना नहीं चाहता।' सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुभाष नगर क्षेत्र निवासी रोडवेज कर्मचारी ने बताया कि सोमवार दोपहर उन्होंने अपने कमरे में मौजूद बेटे को आवाज दी, लेकिन कोई भी जवाब नहीं मिला। दरवाजा खोलना चाहा तो वह अंदर से बंद था। परेशान होकर आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर 16 वर्षीय बेटे का शव फंदे से लटक रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कमरे की तलाशी ली तो सुसाइड नोट मिल गया। पुलिस के मुताबिक, इसमें अजीबोगरीब बातें लिखी हैं। छात्र ने लिखा है- 'मेरे अंतिम संस्कार में उन सभी लोगों को बुलाया जाए जो मुझसे नफरत करते हैं। मैं लड़का जरूर हूं, लेकिन मुझमें लड़कियों वाले गुण भी हैं। मेरा चेहरा लड़कियों की तरह दिखता है। कभी-कभी लगता है कि मैं किन्नर तो नहीं हूं। मैं इस तरह की जिंदगी नहीं जीना चाहता। हालांकि मुझे लड़कियों से कोई नफरत नहीं है। मैं चाहूंगा कि अगले जन्म में लड़की बनकर संसार में आऊं।'
पुलिस ने परिवार से पूछताछ करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। छात्र के पिता ने बताया कि चार साल पहले उनकी पत्नी की मौत हो गई थी।
तब वह दो बेटों के साथ उत्तराखंड के टनकपुर से सुभाषनगर आकर किराए के मकान में रहने लगे। घर का सारा काम बेटा ही करता था। वह हाईस्कूल का छात्र भी था। इसमें न तो लड़कियों जैसे कोई गुण थे और न ही वह किन्नर जैसा था। मां की मौत के बाद से वह अवसाद में घिरता चला गया था।