'फोन देखने में व्यस्त रहते हैं पुलिसकर्मी'
न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि छेड़खानी की घटना से परेशान होकर छात्राएं-महिलाएं आत्महत्या कर लेती हैं। उनका परिवार भी साथ नहीं देता। इस संबंध में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सार्वजनिक स्थान जैसे छात्राओं के स्कूल, पार्क, बाजार आदि में यदि पुलिस की ओर से पेट्रोलिंग की जाती तो शायद ऐसी घटनाएं नहीं होतीं। स्कूल के बाहर पुलिस पेट्रोलिंग करती भी है तो ज्यादातर पुलिसकर्मी मोबाइल फोन देखने में व्यस्त रहते हैं। शबनूर का आत्महत्या करना पुलिस व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगाता है।
न्यायाधीश ने इस आदेश की प्रति वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व अपर मुख्य सचिव (गृह) को भेजने के साथ लिखा है कि जहां छात्राएं व महिलाएं आती-जाती हैं, वहां महिला पुलिस बल को तैनात कर पेट्रोलिंग कराई जाए। एसएसपी समय-समय वीमेन पॉवर लाइन 1090, वीमेन सिक्योरिटी एप 1090, हेल्प लाइन 181, पिंक बूथ, मिशन शक्ति, एंटी रोमियो स्क्वॉड आदि के संबंध में जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हों।