बरेली में परिवहन कार्यालय के बाहर डेरा जमाए बैठे बिचौलियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को एआरटीओ प्रशासन प्रवेश सरोज की अगुवाई में अभियान चलाया गया। पीएसी व पुलिस टीम की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से अस्थायी दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान बिचौलियों में खलबली मची रही।
अमर उजाला ने 11 मार्च के अंक में परिवहन कार्यालय में दलालों का दबदबा, 10 हजार में डीएल बनवाने का ले रहे ठेका शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका असर यह रहा कि ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने का ठेका लेने वाले दलाल बुधवार को लापता रहे। दिनभर में महज 15 डीएल ही बन सके। लखनऊ में प्रशिक्षण से लौटने के बाद आरटीओ प्रशासन पंकज सिंह के निर्देश पर एआरटीओ प्रशासन प्रवेश सरोज परिवहन विभाग की टीम के साथ 12 बजे कार्यालय के बाहर आए।
एआरटीओ प्रशासन के नेतृत्व में चला अभियान
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100 अस्थायी दुकानों को गिराया
इस दौरान एक प्लाटून पीएसी व कैंट थाने की फोर्स मौजूद रही। संयुक्त टीम को देखते ही दलाल भाग खड़े हुए। कार्यालय के बाहर दोनों तरफ 20 फुट की चौड़ाई में बनाई गई करीब 100 अस्थायी दुकानों को जेसीबी से तोड़कर गिरा दिया गया। ठेलों को भी हटाया गया। उधर से गुजर रहे लोगों ने कहा कि इन अस्थायी दुकानों की वजह से अक्सर जाम लगता था। ये दुकावों का फैलाव सड़क तक हो गया था। इससे हादसे भी हो रहे थे। संयुक्त टीम में आरआई रमेश कुमार प्रजापति, कैंट थाने के इंस्पेक्टर क्राइम भारत सिंह आदि मौजूद रहे।
आरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग की तरफ से दलालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इस दौरान कोई भी संदिग्ध नहीं पकड़ा गया। अस्थायी दुकानों को जेसीबी से तोड़कर गिरा दिया गया है।