बरेली के कोतवाली क्षेत्र में संवेदनशील इलाके मुर्गा वाली गली के पास शराबियों की हरकत से अलविदा जुमा से पहले माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा। स्कूटी की साइड लगने से साइकिल सवार बच्ची मामूली घायल हुई तो मदद करने वालों से ही झगड़ बैठे। दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया। घटना में एक पक्ष के तीन समेत चार लोगों के सिर फूटे हैं। मारपीट, पथराव के वीडियो वायरल हुए तो शहर में सांप्रदायिक बवाल की अफवाह फैल गई। हालांकि, पुलिस ने दोनों पक्षों के संभ्रांत लोगों की मदद से स्थिति पर काबू पा लिया। पुलिस ने बच्ची को बुलाकर बात की तो उससे भी स्थिति स्पष्ट हो गई।
तीन भाइयों ने की थी बच्ची की मदद
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को स्थानीय लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब सवा दस बजे 12 साल की बच्ची साइकिल से घूम रही थी। मुर्गा वाली गली के पास एक स्कूटी उसकी साइकिल में साइड मारकर निकल गई। इससे बच्ची साइकिल समेत गिर पड़ी और मामूली घायल हो गई। इसी गली में मीट की दुकान पर काम करने वाले सिकलापुर निवासी तीन सगे भाई जुनैद, जुबैर व नावेद दुकान बंद करके निकले तो उन्हें दूसरे समुदाय की बच्ची सड़क पर कराहती दिखी। उन्होंने उसकी मदद की और साइकिल उठाकर खड़ी कर दी।
मदद करने वालों का आरोपी बताकर भिड़े
बच्ची साइकिल पर बैठकर घर की ओर चली गई। इस बीच थोड़ी दूर पर यहीं खोखे पर काम करने वाला विक्की अपने दोस्तों के साथ बैठा था। विक्की और उसके साथी जुनैद आदि के पास आए और उन्हीं को बच्ची को घायल करने का जिम्मेदार बताने लगे। दोनों पक्षों में बहस के बाद ईंट-पत्थर और डंडे चले। इससे तीनों भाइयों जुनैद, जुबैर व नावेद के साथ ही विक्की घायल हो गया। जब तक कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे, दोनों पक्षों के बाकी लोग भाग निकले। पुलिस ने इन चारों का मेडिकल परीक्षण कराया