मीरगंज। रामगंगा से हो रही कटान के कारण कपूरपुर गांव में स्थित प्राचीन मंदिर मंगलवार रात नदी में समा गया। बुधवार सुबह ग्रामीण मंदिर गए तो जानकारी हुई। इससे ग्रामीण मायूस हैं।
रामगंगा किनारे स्थित यह मंदिर कई दिनों से कटान के खतरे में था। नदी कटान करते हुए मंदिर के करीब आ गई थी। प्रशासन, ग्राम प्रशासक हरीश लोधी और ग्रामीणों ने मंदिर को बचाने के प्रयास किए। हालांकि, नदी के तेज बहाव और कटान के आगे बचाव इंतजाम नहीं टिक सके। कुछ दिन पहले मंदिर का चबूतरा और दो खंभे भी नदी में समा चुके थे। गांव में आस्था का प्रमुख केंद्र होने के कारण मंदिर गिरने से ग्रामीण मायूस हैं।
एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि प्रशासन और बाढ़ खंड ने मंदिर को बचाने के प्रयास किए, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली। प्रशासन कटान वाले क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। संबंधित विभागों और राजस्व टीम को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कटान प्रभावित स्थानों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम की मांग की है, ताकि अन्य धार्मिक स्थल, खेत और आबादी सुरक्षित रहें। ग्रामीणों ने कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है।
एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि रामगंगा के कटान से बचाने के लिए प्रशासन और बाढ़ खंड ने काफी प्रयास किए लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण नही बच सका फिर भी कटान वाले क्षेत्र की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। संबंधित विभागों और राजस्व टीम को स्थिति की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कटान से प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य कराए जा रहे हैं।