बरेली। तीन तलाक के मुद्दे पर शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा है कि शरीयत के हुक्म को बताना और हिफाजत हमारी जिम्मेदारी है। शरीयत की हिफाजत के लिए पहले भी खड़े थे, आज भी खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे। यह बयान शुक्रवार को किला की शाही जामा मस्जिद में जुमा की नमाज से पहले शहर इमाम ने दिया। उन्होंने कहा कि अल्लाह उसके रसूल और कुरान का जो हुक्म है उसे हम हर हालत में लोगों को बताएंगे। हमें इससे कोई नहीं रोक सकता। यह हमारा हक है इसकी इजाजत हमें हमारे देश के संविधान ने दी है। अपने मजहब के बारे में बताना लोगों को इस्लामी कानून के आगाह करना अगर कोई जुर्म कहता है तो हम यह जुर्म हजार बार करेंगे। इसके अलावा उन्होंने शहीदे आजम हजरत इमाम हुसैन की जिंदगी पर भी रोशनी डाली। साथ ही इस्लाम को बचाने के लिए उनकी तमाम कुर्बानियों का भी जिक्र किया।