बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहानुभूति और इंसाफ के लिए लड़ने को मदद की घोषणाओं से उनके संवाद कार्यक्रम में गईं मुस्लिम महिलाएं बेहद खुश हैं। लखनऊ से लौटी तीन तलाक पीड़िताओं ने कहा कि सरकार ने उनके सिर पर हाथ रखा है, इससे उन्हें काफी सहारा मिलेगा। केंद्र सरकार का कानून और प्रदेश सरकार की योजनाएं उन्हें जीने का हौसला देंगी। नाइंसाफी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का खर्च सरकार उठाएगी तो उनके संघर्ष की राह आसान हो जाएगी। सिर पर छत मिलेगी तो भटकना भी नहीं पड़ेगा।
आला हजरत परिवार की बहू रही आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान को मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा बताने का मौका मिला। उन्होंने इस दौरान दो मुद्दे भी रखे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि तीन तलाक के मामलों में थाने पहुंचने वाली पीड़िताओं की सीधी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही है। उनसे कहा जाता है पहले उच्चाधिकारियों से आदेश कराकर लाओ। इसके अलावा आय का कोई साधन न होने के कारण तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के स्तर से अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए की गई घोषणाएं बहुत अच्छी हैं। यदि ये योजनाएं लागू हुईं तो पीड़ित महिलाओं को काफी लाभ मिलेगा।
तीन तलाक पीड़ित महिलाओं की लड़ाई लड़ रही मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने भी तीन तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि जो लोग तीन तलाक बिल का विरोध कर रहे थे, उनको मुख्यमंत्री की घोषणाएं एक करारा जवाब है। सभी योजनाएं पीड़ित महिलाओं के हित में है और इससे उनको काफी ताकत मिलेगी। उनके साथ गई रूहीना खातून, इरम, अक्सीर जहां, तरन्नुम आदि ने भी मुख्यमंत्री की घोषणा तारीफ की है।