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ईको टेक्सटाइल पार्क अब ठंडे बस्ते में, निवेशक भी पीछे हटे

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बरेली। पिछले पांच सालों से बरेली में टेक्सटाइल पार्क बसाने की कवायद चल रही है, लेकिन अब निवेशकों ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए हैं कि वस्त्र उद्योग में मंदी का दौर है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को लगाना फिलहाल संभव नहीं। पिछले दिनों हुई समीक्षा बैठक में निवेशकों के कहने पर टेक्सटाइल पार्क योजना पर सरकार ने ब्रेक लगा दिया था। यहां बता दें कि फर्रुखाबाद में भी प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क जमीन परिवर्तन को लेकर फंस गया है।
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हथकरघा और वस्त्र उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में बरेली और फर्रुखाबाद में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्टों पर खुली चर्चा हुई। इन दोनों स्थानों पर अभी फिलहाल जमीन चिह्निकरण के बाद अधिग्रहण हो चुका है। कई दौर में हुई बैठकों में बरेली स्थित रहपुरा जागीर क्षेत्र में प्रस्तावित ईको टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए सड़क निर्माण समेत कई अन्य कार्य भी स्वीकृत हो चुके हैं। साथ ही बिजली विभाग इस प्रोजेक्ट को सप्लाई लाइनें उपलब्ध कराने की तैयारी कर चुका है। सिर्फ शासन स्तर पर कुछ औपचारिकताएं पूरी होना बाकी हैं।
एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) योजना के तहत प्रस्तावित पार्क को केंद्र सरकार का कपड़ा मंत्रालय भी वित्तीय सहायता कर रहा था। स्थानीय स्तर पर भी ज्यादातर बाधा दूर हो गई, लेकिन फाइनल टच के रूप में जब पिछले दिनों शासन स्तर पर बैठकें हुईं तो निवेशकों ने प्रोजेक्ट लगाने से मना कर दिया। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा, वस्त्र उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा है। इसलिए बरेली में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क में उद्यमी निवेश करने से कतरा रहे हैं। ऐसी स्थिति में पार्क में सिर्फ वस्त्र उद्योग स्थापित कर विकसित करना कठिन कार्य होगा। निवेशकों ने इस योजना को लंबित रखने का आग्रह किया। शासन ने इसके बाद कहा कि इस प्रोजेक्ट पर अब कोई विचार नहीं होगा।
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फर्रुखाबाद में प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर एनजीटी ने फंसाया पेच
फर्रुखाबाद में प्रस्तावित भारत सरकार की स्कीम फॉर इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क (एसआईटीपी) के तहत टेक्सटाइल पार्क प्रोजेक्ट लगना था। एनजीटी ने पेच फंसा दिया है कि प्रोजेक्ट लगने से छपाई और रंगाई आदि का निकलने वाला केमिकल युक्त पानी गंगा नदी को प्रदूषित करेगा। इसलिए ये प्रोजेक्ट चिह्नित स्थान से कहीं और लगाए जाने पर ही विचार किया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि यूपीसीडा अन्य स्थान पर जमीन देने के नाम पर साढ़े बारह प्रतिशत ओवरहेड चार्ज मांग रहा है। अगर इसे माफ कर दिया जाए तभी इसे दूसरे स्थान पर लगाया जा सकता है।

उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में बरेली और फर्रु खाबाद में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। बरेली से पहुंचे प्रतिनिधियों ने कह दिया कि आर्थिक मंदी के चलते वस्त्र उद्योग में निवेश फिलहाल मुश्किल है। इसलिए शासन ने बरेली प्रोजेक्ट फिलहाल स्थगित कर दिया है।
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- रमारमण, अपर मुख्य सचिव
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