फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडलीय खेल: टीमों ने बरेली पर लगाया बेईमानी का आरोप

Wed, 31 Jan 2018 08:44 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
33वीं मंडलीय खेलकूद प्रतियोगिता में बरेली बेसिक शिक्षा विभाग की टीम अप्रत्याशित रूप से ओवरऑल चैंपियन बनी। तीन दिवसीय प्रतियोगिता का अंतिम दिन विवादों से घिरा रहा। सुबह बेईमानी का आरोप लगाते हुए पीलीभीत और शाहजहांपुर के खिलाड़ी पांच घंटे तक धरने पर बैठे रहे। लगातार दो दिन से प्रतियोगिता में दबदबा बनाई बदायूं की टीम की जगह विजेता के रूप में बरेली के नाम की घोषणा होने पर विवाद शीर्ष पर पहुंच गया। तीनों जिलों की टीमें बिना ईनाम लिए ही लौट गईं। निराश बच्चे अपने मेहनत के इनाम के बदले बेईमानी मिलने पर बेहद निराश दिखे। तीनों जिलों के व्यायाम शिक्षकों का कहना है कि बरेली में शिक्षा विभाग के सभी बड़े अधिकारी होने पर भी बरेली की टीम बेईमानी करती रही, कोई झांकने तक नहीं आया। तीनों जिले इस मामले में जांच कराने की मांग करेंगे।
विज्ञापन


मनमानी से टूटे खिलाड़ियों के दिल 
पीलीभीत : बुधवार सुबह 10:30 बजे 400 मी. रिले रेस शुरू हुई। पीलीभीत के खेल प्रभारी बघेल सिंह का कहना है कि बरेली का खिलाड़ी अपना ट्रैक पार करके पीलीभीत के ट्रैक में चला गया, नियमानुसार उसे डिसक्वालिफाई किया जाना चाहिए था, पर उसे विजयी घोषित कर दिया गया। पीलीभीत और बरेली के बीच खो-खो प्रतियोगिता में बरेली के रेफरी के निर्णय को पक्षपातपूर्ण बताते हुए पीलीभीत ने इसे मानने से मना कर दिया। ऊंची कूद प्रतियोगिता के दौरान शिक्षकों में धक्कामुक्की भी हुई। पीलीभीत के अनुदेशक विजय कुमार ने आरोप लगाया कि बरेली के शिक्षक ने उन्हें पीटा। इस पर जिले के शिक्षक और बच्चे धरने पर बैठ गए।

शाहजहांपुर : लीग मैच में पीलीभीत को हराकर फाइनल मैच खेलने के इरादे से बुधवार सुबह शाहजहांपुर के खिलाड़ी मैदान पर आए। कोच आशीष ने बताया कि उनसे कहा गया कि फाइनल तो कल शाम ही हो गया जिसमें पीलीभीत को हराकर बरेली जीता है। शाहजहांपुर के पीटीआई रामप्रसाद शर्मा ने सर्वोच्च निर्णायक समिति को लिखित शिकायत करके जांच की मांग भी की कि आखिर किस नियम के आधार पर उनकी टीम को अयोग्य बताकर बिना घोषणा के फाइनल करा लिया गया। कोच आशीष के अनुसार, लीग मैच के बाद बुधवार को फाइनल मैच होने की घोषणा हुई। शाम पांच बजे दूसरे दिन की प्रतियोगिता खत्म होने के बाद टीम कैंप में आराम करने चली गई। पीलीभीत खेल प्रभारी बघेल सिंह का कहना है कि उनकी टीम भी कैंप जा चुकी थी, फिर शाम को छह बजे कौन सी टीम बनाकर बरेली ने वॉलीबाल प्रतियोगिता खेलकर जीत ली? इस विवाद के बाद शाहजहांपुर की टीम के बच्चे बेहद निराश दिखे, यह टीम लगातार दो साल से चैंपियन बन रही है। इस मामले में कोई निर्णय नहीं दिया गया, बच्चे शाम तक मैदान में बैठे रहे।
विज्ञापन


दबाव बना तो दोबारा कराई प्रतियोगिताएं, बरेली हारा फिर भी ले ली ट्रॉफी
बरेली। धरने की सूचना पर दोपहर 12:30 बजे बीएसए चंदना इकबाल राम यादव आयोजन स्थल पर पहुंचीं। पीलीभीत के खंड शिक्षा अधिकारी उनके पास दोबारा खेल कराने की मांग लेकर पहुंचे तो उन्हें अनुशासन हीनता पर कार्रवाई करने की चेतावनी दे दी। इसके बाद हुई एकांकी प्रतियोगिता में पीलीभीत ने भाग नहीं लिया। शाहजहांपुर के बच्चे भी धरने पर बैठे रहे। करीब तीन बजे पीलीभीत के बीएसए बरेली पहुंचे। एडीबेसिक ने बातचीत के बाद ऊंची कूद (जूनियर बालिका वर्ग), दौड़ (चार गुणे सौ मीटर रिले जूनियर बालक वर्ग)और खो-खो (प्राथमिक बालक वर्ग) दोबारा कराने की अनुमति दी। खो-खो प्रतियोगिता हुई जिसमें पीलीभीत ने बरेली को हरा दिया। कबड्डी में पीलीभीत के लीड लेने पर बरेली के पीटीआई शोर मचाने लगे, ओवर टाइम होने पर लीड के आधार पर बीएसए ने पीलीभीत को विजेता घोषित किया। जबकि 400 मी. प्रतियोगिता में बदायूं जीता। पर शाम को पुरस्कार की घोषणा के समय खो-खो और ऊंची कूद में बरेली को विजयी घोषित किया गया। जिस पर पीलीभीत ने कोई भी पुरस्कार लेने से इंकार कर दिया।

  नंबर एक थी बदायूं, चैंपियन बना बरेली
बुधवार को पूरे दिन चले विरोध और हंगामे के दौरान बदायूं से आए पीटीआई व टीम तटस्थ दिखी। सभी प्रतियोगिताओं में भाग लिया और बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहले दिन से बदायूं के खिलाड़ी व्यक्तिगत और सामूहिक प्रतियोगिताओं में बेहतर खेले थे, उनका दबदबा कायम था पर पुरस्कार की घोषणा के समय पासा पलट गया। व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर चार खिलाड़ी चयनित किए गए जो बरेली के हैं और व्यक्तिगत चैंपियनशिप भी बरेली को मिली, उपविजेता बदायूं बना। इस पर अब तक चुप जिला पीटीआई रामदास यादव और टीम भड़क उठी। उन्होंने पहले से नाराज पीलीभीत और शाहजहांपुर के साथ विरोध मुखर कर दिया, नारेबाजी की और अंत में फैसला किया कि कोई भी पुरस्कार नहीं लेगा और प्रतियोगिता का बहिष्कार करेगा। पूरे दिन हंगामा चलने के बाद भी पुरस्कार वितरण के समय बीएसए व अन्य अधिकारी मौजूद नहीं थे। तीनों जिलों के व्यायाम शिक्षकों को कोई जिम्मेदार शिकायत देने के लिए नहीं मिला तो अपनी-अपनी टीमें लेकर लौट गए।

बदायूं के आलोक की जगह बरेली के खिलाड़ी को मिला व्यक्तिगत प्रदर्शन में पुरस्कार : व्यक्तिगत चैंपियन के पुरस्कार के लिए प्राथमिक बालक वर्ग में बरेली के सूरज को चुना गया है। नियम है कि जो खिलाड़ी तीन व्यक्तिगत खेलों में प्रथम स्थान लाएगा वह इस पुरस्कार का हकदार है। पर सूरज ने 200 मी. 400 मी. प्रतियोगिता में पहला स्थान है, सामूहिक खेल खो-खो को जोड़कर उसे पुरस्कार के लिए चुन लिया गया है, जो नियम विरुद्ध है। जबकि बदायूं के आलोक ने 50 मी., 100 मी. और लंबी कूद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया पर उसे व्यक्तिगत प्रदर्शन में चैंपियन का पुरस्कार नहीं दिया गया। इसके अलावा प्राथमिक बालिका वर्ग में बरेली की प्रतीक्षा, उच्च प्राथमिक बालिका वर्ग में विनीता गुर्जर, उच्च प्राथमिक बालक वर्ग में शारून खां को पुरस्कार मिले। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें