जहां सुअर का किया शिकार वहां वन विभाग की मदद से लगाया जाल
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी में डेरा जमाए बाघिन ने रविवार देर रात कोयला प्लांट के मंदिर के पास सुअर को निवाला बना लिया। कैमरों में बाघिन सुअर को झाड़ियों में खींचकर ले जाते कैद हुई। सटीक लोकेशन के लिए वनकर्मियों ने सर्च अभियान चलाया पर सफलता नहीं मिल सकी। उधर, रबर फैक्टरी में पहुंची वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएलटीआई) की टीम ने बाघिन की घेराबंदी के लिए अभियान तेज कर दिया है। वन विभाग की मदद से उस स्थान पर जाल भी लगा दिया है, जहां बाघिन ने सुअर का शिकार किया था।
डेढ़ साल से रबर फैक्टरी के जंगल में डेरा जमाए बाघिन वन विभाग के लिए सिरदर्द बनी हुई है। अधिकारियों के निर्देश पर वन विभाग की टीम बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करने के लिए तमाम योजनाएं बना चुकी है पर सभी फेल रहीं। कोरोना का कहर थमने के बाद अब वाइल्ड लाइफ की टीम बृहस्पतिवार को रबर फैक्टरी पहुंच गई। बाघिन की सटीक लोकेशन के लिए टीम ने खुले में दो पड्डे और बांधे लेकिन बाघिन ने उनका शिकार नहीं किया। उधर, जिस झाड़ी में बाघिन सुअर को खींचकर ले गई, टीम ने ट्रैक्टर पर बैठकर वहां चार घंटे सर्च अभियान चलाया, लेकिन न तो सुअर के अवशेष मिले और न ही बाघिन का पता चला। अब वन विभाग और डब्ल्यूटीआई की टीमों ने वहां जाल लगा दिया है। बाघिन की लोकेशन ट्रेस करने के लिए 39 कैमरे लगे हैं।
बाघिन ने जहां जंगली सुअर का शिकार किया, वहां सर्च अभियान चलाया जा रहा है। घेराबंदी करने के लिए जाल भी लगाया गया है। जल्द बाघिन को ट्रेंक्युलाइज करने का प्रयास किया जा रहा है। - भरतलाल, डीएफओ