मिलावटखोरी पर एफएसडीए की चुप्पी पर पहले हाईकोर्ट और शासन की सख्ती और फिर शहर की महिलाओं और व्यापारियों के भी मोर्चा खोल दिए जाने का कुछ असर दिखा लेकिन तब जब होली सिर्फ दो दिन दूर रह गई। शनिवार को एफएसडीए की जिला टीम ने घटिया और पशु आहार की श्रेणी में आने वाली नमकीन पकड़ने के लिए दिन भर दौड़भाग की लेकिन एक भी सैंपल भरने में कामयाब नहीं हो पाई।
कारोबारी गुस्साए- ‘त्योहारी’ ले गए तो फिर क्यों आए
घटिया नमकीन को मिक्सचर के नाम से नई पैकिंग में बेचने का पिछले दिनों हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। इसके बाद सभी जिलों में छापों की शुरुआत हुई, सूत्रों के मुताबिक बरेली में नमकीन कारोबारियों से पहले ही समझौता हो चुका था लिहाजा एफएसडीए के लिए मुश्किल खड़ी हो गई।
शासन की कड़ाई के बाद डीएम नितीश कुमार ने सख्त तेवर दिखाए तो शनिवार को एफएसडीए की टीमें छापे मारने निकलीं लेकिन कारखानों में पहुंचते ही कारोबारी उन पर भड़क गए। बोले- जब ‘त्योहारी’ ले गए तो फिर क्यों आए, कुछ तो शर्म करो।
मावा बाजार में ताबड़तोड़ छापे
होली से दो दिन पहले मावा बाजार में छापे मारने की औपचारिकता पूरी की गई। कुतुबखाना मावा मंडी में टीम ने तीन नमूने भरे। श्यामगंज में अजंता स्वीट्स से भी मावा का नमूना लिया लेकिन और किसी उत्पाद को देखा तक नहीं। अजंता स्वीट्स पर खराब मावा की शिकायत प्रशासन को मिली थी। जंक्शन मार्ग पर गुप्ता स्टोर, आंवला चांदनी चौक और छोटी बाजार से भी मावा के दो और पनीर का एक नमूना भरा गया।