रिछा। वैसे तो कार्यशाला इस बात के लिए आयोजित की गई थी कि छोटे बच्चों को रोचक तरीके से कैसे पढ़ाया जाए। इसके लिए 150 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन ये प्रशिक्षण बच्चों पर भारी गुजरा। नन्हें कंधों पर वजनी गद्दों का बोझ डाल दिया गया। बच्चे गद्दे ढोकर कमरों तक ले जाते रहे। नन्हें बच्चों को श्रम करता देख किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई, मगर जब मेन्यू के मुताबिक खाना नहीं परोसा गया तो शिक्षक जरूर भड़क गए। ब्लॉक रिछा के दमखोदा प्राइमरी स्कूल में निष्ठा प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान बच्चों से श्रम कराने का मामला चहारदीवारी से बाहर पहुंचा तो डायट प्राचार्य का कहना था कि बीईओ से जबाव तलब किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को रोचक विधि से पढ़ाने को शिक्षकों को प्रशिक्षित किए जाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से निष्ठा प्रशिक्षण कार्यशाला कराई जा रही है। बुधवार से 20 दिवसीय कार्यशाला ब्लॉक संसाधन केंद्र रिछा पर होनी थी। कार्यशाला वहां न कराकर दमखोदा के प्राइमरी स्कूल पर बुधवार से शुरू कराई गई। बताया गया कि ब्लॉक संसाधन केंद्र में भवन नहीं हैं। बुधवार को दमखोदा प्राइमरी स्कूल पर प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर करीब प्रथम बैच के करीब 150 शिक्षक जुटे। जिन्हें पांच दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों के सामान और कमरे में रजाई गद्दे आदि पहुंचाने के लिए स्कूल के बच्चों को लगा दिया गया। सभी बच्चों से कमरे में सामान और रजाई गद्दे पहुंचाने के लिए कहा गया। बच्चों ने पहले सामान पहुंचाया फिर कमरे में रजाई गद्दे पहुंचाकर उसे बिछाया भी।
खंड शिक्षाधिकारी के खाते में भेजा गया है खासा बजट
कार्यशाला के लिए ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी के खाते में करीब दस लाख पचास हजार का भारीभरकम बजट दिया गया है। आरोप है कि इसके बाद भी मेन्यू के हिसाब से भोजन नहीं दिया जा रहा है। बुधवार को कार्यशाला के बाद भोजन कम पड़ जाने पर शिक्षकों ने नाराजगी भी जताई। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ अध्यक्ष ब्र्रहमदेव आर्या ने खंड शिक्षाधिकारी शेर सिंह और भोजन की व्यवस्था करने वाले ठेकेदार को भोजन की व्यवस्था में सुधार के लिए लिखित में दिया है।
सरस्वती पूजन से शुरू हुई कार्यशाला
खंड विकास अधिकारी अतुल यादव ने सरस्वती पूजन करके कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण एवं खेल खेल में बच्चों को शिक्षा देने पर जोर दिया। एसआरपी आशुतोष शर्मा के साथ प्रशिक्षक बलबीर सिंह, डॉ. देवकुमारी, हरीश गंगवार, मनोज, प्रमोद आदि मौजूद रहे।
‘स्कूली बच्चों को काम पर लगाना गलत है। इस बारे में बीईओ से जवाब तलब किया जाएगा। बीआरसी पर जगह न होने पर कार्यक्रम किराए के भवन में भी कराया जा सकता था, उसके लिए बजट है।’
- शशिदेवी शर्मा, प्रभारी बीएसए /डायट प्राचार्य।