बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के अमरारा कंपोजिट विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका पूनम सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनपर विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। यह कार्रवाई विद्यालय परिसर की खराब स्थिति, गंदगी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते की गई है।
मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के किए गए निरीक्षण में भी विद्यालय की रंगाई-पुताई अत्यंत खराब पाई गई। इस संबंध में संतोषजनक जवाब न मिलने और विद्यालय की भौतिक स्थिति खराब होने के कारण बीएसए ने पूनम सक्सेना को निलंबित कर दिया। उनपर 2022-23 में विद्यालय को मिली कंपोजिट ग्रांट की धनराशि के दुरुपयोग का भी आरोप है। वहीं, 20 मई और फिर 11 सितंबर को फतेहगंज पश्चिमी के खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने इन आदेशों का पालन नहीं किया, जिसे घोर अनुशासनहीनता माना गया था।
निलंबन की अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
पूनम को कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन करने, आदेशों की अवहेलना करने और अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, बशर्ते वह यह प्रमाणपत्र दें कि वह किसी अन्य सेवा, व्यापार या व्यवसाय में कार्यरत नहीं हैं।