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कोआर्डिनेटर बनने पर शिक्षक  और कर्मचारी आमने-सामने 

Sun, 19 Mar 2017 01:14 AM IST
बरेली।  
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Teacher on becoming a coordinator And staff face-to-face - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मूल्यांकन केंद्र का कोआर्डिनेटर बनाने की मांग पर कर्मचारियों के असहयोग आंदोलन के बीच शिक्षक संगठनों ने भी कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट कह दिया है कि अगर कर्मचारियों को कोआर्डिनेटर बनाया जाता है तो शिक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं करेंगे। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि कोआर्डिनेटर बनाने की मांग पूरी होने तक कार्यालयों के कार्य ठप रहेंगे। पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन खामोश है। 
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मूल्यांकन कार्य भी शुरू नहीं हो सका है। हालांकि शनिवार को परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार ने कर्मचारियों की मांग को लेकर शासन को पत्र भेजा है। आश्वासन दिया है कि कुलपति के आने के बाद मामले में निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले यूनियन के महामंत्री अनिल कुमार ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ परीक्षा नियंत्रक से वार्ता की। परीक्षा नियंत्रक ने असहयोग आंदोलन वापस लेने की बात कही पर कर्मचारी अपनी बात पर अड़े रहे। कर्मचारियों का आंदोलन जारी है।

कर्मचारियों को मूल्यांकन केंद्रों का कोआर्डिनेटर नहीं बनाया जा सकता। यह काम शिक्षकों का ही है। सोमवार को विवि प्रशासन से इस बाबत वार्ता की जाएगी।
- डॉ. अशोक कुमार रुस्तगी, रूटा अध्यक्ष
 
जब तक मूल्यांकन केंद्रों का कोआर्डिनेटर बनाने का निर्णय नहीं होता तब तक असहयोग आंदोलन जारी रहेगा। शासनादेश हो चुका है तो विवि प्रशासन उसको क्यों लागू नहीं करा रहा।
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- अनिल कुमार, महामंत्री कर्मचारी यूनियन 

शासन को पत्र भेज दिया गया है। कुलपति के आने के बाद उनके सामने पूरा मामला रखा जाएगा। जो निर्णय होगा उसको लागू किया जाएगा।
-महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक

विवि शिक्षक संघ भी विरोध में उतरा
बरेली। मूल्यांकन केंद्रों के कोआर्डिनेटर बनाने की मांग कर रहे कर्मचारी यूनियन के विरोध में रुहेलखंड विश्वविद्यालय शिक्षक संघ भी खड़ा हो गया है। कुलपति को भेजे पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को समन्वयक बनाया जाता है तो शिक्षक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे। इसके अलावा शैक्षणिक कार्य के अलावा जो भी कार्य शिक्षक कर रहे हैं उससे इस्तीफा दे देंगे। संगठन के अध्यक्ष डॉ. विजय बहादुर ने कहा कि अगर शिक्षक प्रशासनिक कार्य नहीं कर सकता तो कुलपति पद पर भी कर्मचारी को बैठाया जाना चाहिए। 
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