उम्र का हवाला देकर ड्यूटी से हटाने की लगाई थी गुहार
शिवांश ने बताया कि उनके पिता ने अपनी उम्र और आंखों की समस्या का हवाला देकर एसआईआर ड्यूटी कटवाने के लिए नौ नवंबर को खंड शिक्षा अधिकारी मझगवां सुनील कुमार शर्मा को प्रार्थना पत्र दिया था। यह भी कहा था कि उन्हें मोबाइल फोन पर ऑनलाइन काम नहीं आता है, लेकिन उनकी ड्यूटी नहीं हटाई गई।
उल्टे एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई थी। इस वजह से वह परेशान थे। रविवार तक उन्होंने एसआईआर का काम किया था। पोस्टमॉर्टम नहीं कराने के सवाल पर शिवांश ने कहा कि इस संबंध में न उनसे किसी ने कुछ कहा और न मार्गदर्शन किया। उन्हें समझ में भी नहीं आया कि पोस्टमॉर्टम कराना चाहिए।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षक ने आठ दिसंबर को एसआईआर का काम पूरा कर लिया था। परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया है। एसआईआर के काम के दबाव से नहीं, बल्कि उनकी प्राकृतिक मौत हुई है।