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Bareilly News: शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रकाशन के गुर सिखाए

Thu, 20 Aug 2026 12:15 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को नेक्स्ट जेन स्कॉलर ओरिएंटेशन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने नवप्रवेशित शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, शोध सत्यनिष्ठा और वैज्ञानिक प्रकाशन के गुर सिखाए गए। इसका मुख्य उद्देश्य शोधार्थियों को वैश्विक स्तर के शोध की दिशा प्रदान करना था।
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यह कार्यक्रम कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और कुलपति केपी सिंह के संरक्षण में आयोजित हुआ। शोध निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने कॉन्क्लेव की रूपरेखा और उद्देश्यों को प्रस्तुत किया। कुलपति केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान शोधार्थियों की संख्या से नहीं, बल्कि शोध की गुणवत्ता और सामाजिक उपयोगिता से है। उन्होंने जोर दिया कि शोध का अंतिम उद्देश्य समाज और राष्ट्र की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान खोजना होना चाहिए। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स के ओपी धनकर ने अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य साझा किया। उन्होंने कहा कि असफल प्रयोग भी शोध यात्रा का हिस्सा होते हैं और सामूहिक कार्य आधुनिक विज्ञान की जरूरत है। नई दिल्ली स्थित एनआईपीजीआर के निदेशक मनोज प्रसाद ने शोध नैतिकता पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने आंकड़ा निर्माण, हेरफेर और साहित्यिक चोरी से दूर रहने की सलाह दी। मनोज प्रसाद ने स्पष्ट किया कि मजबूत व्यक्तिगत विवरण केवल प्रकाशित पत्रों की संख्या से नहीं बनता। यह शोध की मौलिकता, आंकड़ा विज्ञान जैसे आधुनिक कौशल और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अनुभव से बनता है। कुलपति केपी सिंह ने भी शोध की गुणवत्ता और सामाजिक उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने शोधार्थियों में संवेदनशील दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया।


आधुनिक तरीकों की जानकारी दी
तकनीकी सत्रों में इंफ्लिबनेट सेंटर के विज्ञानी हितेश कुमार सोलंकी और आई ईईई के प्रशिक्षण प्रबंधक लखपत सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने अंकीय अकादमिक संसाधनों, पेटेंट प्रक्रिया और वैज्ञानिक प्रकाशन के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी। कॉन्क्लेव ने संदेश दिया कि शोध केवल डिग्री तक सीमित न रहकर देश के विकास में सहायक हो। इसे नैतिकता, नवाचार और सामाजिक सरोकार के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
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