आंवला। पेट्रोलियम टैंकर ड्राइवर एंड कंडक्टर यूनियन के नेतृत्व में 300 चालकों-परिचालकों ने शनिवार को बीपीसीएल डिपो प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने डिपो के अधिकारियों पर शोषण और घटतौली का आरोप लगाते हुए रेलवे स्टेशन रोड पर कान्हा गोशाला के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। पुलिस की मध्यस्थता से शाम को समझौता हो गया। डिपो प्रबंधन ने एक माह में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
चालकों ने आरोप लगाया कि प्रत्येक गाड़ी में 40 से 50 लीटर तेल कम भरा जाता है। पूरा तेल मांगने पर उनको घंटों परेशान किया जाता है और धमकी भी दी जाती है। उन्होंने डिपो इंचार्ज पर फर्जी आरोप लगाकर चालकों को बदनाम करने का आरोप लगाया। बताया कि चालक जयवीर सिंह की अनुपस्थिति में दूसरे चालक के टैंकर चलाने पर डिपो प्रबंधन ने वाहन के मेन बॉक्स का ताला हथौड़े से तोड़ दिया। प्रबंधक ने टैंकर मालिक को तेल चोरी की फर्जी सूचना दी थी। चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि डिपो प्रबंधन का एक अधिकारी राजनीतिक संरक्षण का दावा कर उनको परेशान करता है। मांग पूरी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। हालांकि बाद में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच दो दौर की वार्ता हुई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी गजेंद्र सिंह, वीरू सोनकर, सुमित, गुरनेम सिंह, देवेंद्र, जयवीर यादव, कुलदीप सिंह, आशाराम और सुखवीर सिंह मौजूद रहे। एसडीएम सुशील मिश्रा ने बताया कि डिपो प्रबंधन ने एक माह के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद चालकों-परिचालकों ने शाम पांच बजे हड़ताल समाप्त कर दी। फिर आपूर्ति बहाल की गई।
हड़ताल से प्रभावित हुए आसपास के जिले
इस हड़ताल से बरेली, पीलीभीत, बदायूं, इटावा, रामपुर, मुरादाबाद, नजीबाबाद, अमरोहा, बदायूं रोडवेज, बेवर रोडवेज इटाा, उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के अलावा काठगोदाम डिपो में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई। इस डिपो से 150 टैंकर तेल लेकर इन इलाकों में आपूर्ति करते हैं।