बरेली। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय तृतीय ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की कोर्ट में सोमवार को भरण-पोषण के मामले में वादी अलीशा को पीटने के मामले में मंगलवार को भी समझौता नहीं हो सका। न्यायिक अधिकारियों और बार पदाधिकारियों के बीच दो दौर की वार्ता बेनतीजा रही। अब बुधवार को फिर मंथन होगा।
अलीशा का उसके पति सलमान के साथ चल रहे भरण-पोषण के वाद में सोमवार को सलमान पक्ष की ओर से बतौर गवाह फहीम के बयान दर्ज किए जा रहे थे। इस दौरान विवाद हो गया था। सलमान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता और बार कोषाध्यक्ष जयपाल सिंह कश्यप व उनकी जूनियर वकील चंद्रकली पक्ष रख रहे थे। आरोप है कि दोनों ने अलीशा को कोर्ट में पीटना शुरू कर दिया और पीटते हुए बाहर ले गए। न्यायाधीश और उनके पेशकार वरुण पांडेय ने समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों अधिवक्ताओं ने उनकी बात नहीं सुनी। इस पर न्यायाधीश ने दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश राज्य विधिज्ञ परिषद, प्रयागराज और प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय को लिख दिया।
प्रकरण अब तीन पक्षों के बीच का हो गया है। ऐसे में जिला जज समेत अन्य न्यायिक अधिकारी, बार के पदाधिकारी और वरिष्ठ सदस्य वार्ता के जरिये समझौते का प्रयास कर रहे हैं। संवाद
न्यायिक अधिकारियों और बार पदाधिकारियों के बीच वार्ता चल रही है। बरेली बार के वरिष्ठ बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं। जो भी रास्ता निकलेगा वह सभी के हित में होगा। बुधवार को फिर वार्ता होगी। वार्ता पूरी होने के बाद ही इस संबंध में ज्यादा बता सकूंगा।- दीपक पांडेय, सचिव बरेली बार एसोसिएशन
कुछ गलत फहमियां हैं, जिन्हें वार्ता के जरिये दूर किया जा रहा है। अपर प्रधान न्यायाधीश ने पत्र में लिखा है कि अलीशा कोर्ट में गवाह से जोर-जोर से कुछ कह रही थी। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। इसके बाद कोर्ट के बाहर अलीशा ने जूनियर वकील चंद्रकली को अपने पिता के साथ मिलकर पीट दिया। - जयपाल सिंह, कोषाध्यक्ष, बरेली बार एसोसिएशन