होली की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़ से और बढ़ा खतरा
बरेली। एक तरफ कोरोना संक्रमण की रफ्तार ने अफसरों की नींद उड़ा दी है तो दूसरी तरफ होली से पहले बाजारों में उमड़ी भीड़ खतरा बढ़ने का संकेत दे रही है। डॉक्टरों ने अभी से हालात पर काबू न पाए जाने पर होली के नजदीक संक्रमण बेकाबू होने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि होली पर गले मिलने की रस्म निभाने के चक्कर में लेने के देने पड़ सकते हैं।
अगले हफ्ते त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। पहले होली फिर शब-ए-बारात और फिर ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। लिहाजा शासन ने सभी जिलों के अफसरों को कोविड की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ा दी है। सर्विलांस टीम कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के दौरान संक्रमितों के ज्यादा से ज्यादा संपर्क में आने वालों की पड़ताल कर रही है। इसके अलावा निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी प्रत्येक मरीज की कोविड जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिदिन तीन हजार से अधिक सैंपल की जांच की जा रही है। सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों के सहयोग से ही कोरोना की रफ्तार काबू की जा सकती है।
पहले जांच कराएं फिर खेलें होली
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पुनीत अग्रवाल का कहना है कि कोरोना से मिली राहत ने लोगों को बेखौफ कर दिया है। लोग एक दूसरे से बिना किसी एहतियात के मिल रहे हैं। दो गज की दूरी के बजाय गले मिलना, हाथ मिलाना और बगैर मास्क नजदीकी से बातचीत करना फिर आम हो गया है जो बदलते हालात में घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि अगर रिपोर्ट निगेटिव हो तभी होली खेलें।
नहीं संभले तो फिर लगेगा लॉकडाउन
संक्रामक रोग चैप्टर के अध्यक्ष रहे डॉ. अतुल अग्रवाल के मुताबिक कोविड-19 के संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। अगर हालात और बिगड़े तो लॉकडाउन का दंश फिर सहने के लिए लोगों को तैयार रहना होगा। दूसरी लहर हावी होने लगी है। कोविड से बचाव के लिए खुद से ही परिवार में लॉकडाउन की स्थिति बना लें तो बेहतर है।
बाहर से आए लोग फैला रहे संक्रमण
फिजीशियन डॉ. रवीश अग्रवाल के मुताबिक जिले में पिछले साल की तरह इस बार भी दूसरे जिले और राज्यों से आने वालों लोगों की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है। ज्यादातर फॉलोअप केस भी पॉजिटिव मिल रहे हैं। अबकी बार वायरस का स्वरूप बदला है। लक्षण रहित होने के बावजूद लंबे समय तक वायरस निष्क्रिय नहीं हो रहा है।