बरेली। कार्य बहिष्कार कर शहर की बिजली आपूर्ति बाधित करने के मामले में कार्यदायी फर्म ऑल सर्विसेज ग्लोबल ने 17 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नामजद करते हुए 87 कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। इन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। यह भी आरोप है कि कार्य बहिष्कार में शामिल न होने वाले कर्मचारियों को भी इन्होंने डराया-धमकाया। नामजद कर्मियों में कर्मचारी नेता भी शामिल हैं।
विद्युत निगम में 33/11 केवी उपकेंद्रों पर ऑल सर्विसेज ग्लोबल नाम की फर्म पर कुशल और अकुशल कर्मचारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। बरेली जोन प्रथम में कर्मचारी काफी दिनों से विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। मांगों को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार और बुधवार को 72 घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इससे शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई।
हालांकि, काफी संख्या में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार से दूरी बना ली और काम पर पहुंचे। आरोप है कि इन कर्मचारियों को भी निविदा संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव समेत अन्य ने धमकाया। इस कारण काम ज्यादा प्रभावित हुआ। अब फर्म के टीम लीडर महेंद्र कुमार की ओर से 17 को नामजद करते हुए 70 अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस ने अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। संवाद
यह कर्मचारी नामजद
रिंकू श्रीवास्तव, दया शंंकर, निखिल शर्मा, अजय कुमार, तुलाराम, विशाल श्रीमाली, नदीम, अनस कादरी को नामजद किया गया है। तहरीर में सूरज, अजय, अयाम, फतेहउद्दीन, तस्लीम, कृष्णपाल, राहुल शर्मा, चांद बाबू, चंद्र प्रकाश का नाम भी शामिल है।
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फर्म ने जारी की थी चेतावनी
फर्म के टीम लीडर महेंद्र कुमार का कहना है कि ब्रांच मैनेजर योगेंद्र सिंह ने सर्कुलर जारी कर कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार न करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी विद्युत वितरण निगम के नहीं बल्कि फर्म के हैं। फर्म ही उनको वेतन व अन्य भत्ते देती है, लेकिन कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार को लेकर फर्म को कोई नोटिस नहीं दिया। बिजली आपूर्ति बाधित कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई और काम करने वाले कर्मचारियों को डराया-धमकाया।