फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: परीक्षा से पहले व्यवस्था का इम्तिहान... 132 में से 75 केंद्र फेल

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए 132 में से 75 केंद्र व्यवस्था की कसौटी पर खरे नहीं हैं। कई केंद्रों पर विद्यालय की क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थियों का आवंटन कर दिया गया है, तो कहीं दूरी ज्यादा होने की बात सामने आ रही है। कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों की संख्या के अनुरूप फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं हैं। विद्यार्थियों के साथ ही स्कूलों की ओर से भी माध्यमिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
विज्ञापन

परिषद के पोर्टल पर 14 नवंबर तक 75 से अधिक आपत्तियां आई हैं। इसमें उन केंद्रों ने भी आपत्ति दर्ज कराई है, जिन्हें कई वर्षों से परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी दी जा रही है। प्रधानाचार्यों का कहना है कि क्षमता से ज्यादा परीक्षार्थी होने पर शुचिता प्रभावित होगी। परीक्षार्थियों को पास-पास बैठाना पड़ेगा, जो कि नियम विरुद्ध है। डीआईओएस की ओर से आपत्तियों का परीक्षण कर अंतिम कार्रवाई के लिए जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति को भेजी जाएगी। समिति के अनुमोदन के बाद 23 नवंबर तक इसे वेबसाइट पर अग्रसारित कर दिया जाएगा। परिषद केंद्रों की अंतिम सूची को 27 नवंबर तक वेबसाइट पर अपलोड करेगा।
-
ये हैं परीक्षा केंद्र बनाने के मानक

- प्रश्नपत्रों को रखने के लिए निर्धारित कक्ष में वॉइस रिकॉर्डर, नाइट विजन सीसीटीवी कैमरा।

- विद्यालय के चारों ओर चहारदीवारी व मुख्य प्रवेश द्वार पर लोहे का गेट।

- परीक्षा केंद्र तक आसानी से पहुंचने का रास्ता हो।
- राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों की पूर्ण धारण क्षमता के सापेक्ष परीक्षार्थियों का आवंटन किया जाए।

प्रमुख केंद्रों का ये है हाल
राजकीय इंटर कॉलेज : प्रधानाचार्य ओम प्रकाश राय की ओर से डीआईओएस से आग्रह किया गया है कि परीक्षा के दौरान विद्यालय में जिलेभर के स्कूलों से उत्तर पुस्तिकाएं आती हैं। इन कार्यों में स्टाफ व्यस्त रहता है। ऐसे में विद्यालय में सिर्फ हाईस्कूल का ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए।
विज्ञापन


गुुरु नानक खालसा इंटर कॉलेज सुभाषनगर : यहां 430 विद्यार्थियों के बैठने की क्षमता है। इसके बाद भी यहां 1,000 विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। विद्यालय में फर्नीचर की कमी है। ज्यादा परीक्षार्थी आने पर दूसरे विद्यालय से यहां फर्नीचर का बंदोबस्त करना होगा। प्रधानाचार्य कवलजीत सिंह ने परीक्षार्थियों की संख्या कम करने का आग्रह किया है।

एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज : इन दिनों परिसर में निर्माण चल रहा है। ऐसे में विद्यालय ने कम विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाने का आग्रह किया है। यहां 850 विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता है। विभाग की ओर से स्कूल को 1500 विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस्लामिया बालिका इंटर कॉलेज में 900 की क्षमता के सापेक्ष 1439 विद्यार्थियों का केंद्र बनाया गया है। इससे संबंधित आपत्ति दर्ज कराई गई है।

मौलाना आजाद इंटर कॉलेज : प्रधानाचार्य दुर्गेश कुमार की ओर से विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए डीआईओएस को पत्र दिया गया है। यहां इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के 400-400 विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता है। इसे पिछले वर्ष भी केंद्र बनाया गया था।

सीबीगंज इंटर कॉलेज : यहां 1100 विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता है। इसके विपरीत विभाग ने विद्यालय को 1,339 विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। प्रधानाचार्य भानु प्रताप सिंह ने इसे कम करने के लिए आपत्ति दर्ज कराई है।

द्रौपदी कन्या इंटर कॉलेज : द्रौपदी कन्या इंटर कॉलेज की ओर से 500 विद्यार्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता बताई गई है। वहीं, विभाग ने यहां 909 विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया है। प्रधानाचार्य डॉ. रामश्री ने डीआईओएस से परीक्षार्थियों संख्या कम करने का आग्रह किया गया है। संवाद
-
परीक्षा केंद्रों की अनंतिम सूची पर कई आपत्तियां आई हैं। जिला केंद्र निर्धारण समिति की ओर से इनके परीक्षण के बाद निर्णय लिया जाएगा। - देवकी सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
-
प्रधानाचार्य ऑन रखें फोन, केंद्रों का किया जाएगा निरीक्षण

बरेली। जनपदीय समिति की ओर से आपत्तियों के निस्तारण के क्रम में प्रस्तावित सभी केंद्रों का निरीक्षण किया जाना है। ऐसे में संबंधित प्रधानाचार्यों को 15 व 16 नवंबर को मोबाइल फोन ऑन रखने और मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों के स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य का उपस्थित रहना जरूरी है। इस संबंध में डीआईओएस देवकी सिंह ने पत्र जारी किया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें