सरकार बदलने के बाद भी सूबे का सिस्टम नहीं बदला। रविवार को यह मसला भाजपा के सांसद और विधायकों ने ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के सामने रखा। सर्किट हाउस में सीएम से मुलाकात के दौरान विधायकों ने कहा कि भ्रष्ट सिस्टम की वजह से आम जनता को भाजपा के शासन में भी कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है।
विधायकों और सांसदों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि निकाय चुनाव बाद वह बरेली के साथ कम से कम 20 जिलों का औचक दौरा करके यह देखें कि सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन और पुलिस के अफसर काम क्यों नहीं कर रहे हैं। विधायकों ने कहा कि जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं में प्रशासनिक भ्रष्टाचार की वजह से सरकार की बदनामी हो रही है।
सूत्रों के अनुसार विधायकों ने प्रशासनिक अफसरों की मनमानी की सीएम से शिकायत करते हुए कहा कि निकाय चुनाव बाद ऐसे अफसरों को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने सीएम को बताया कि तमाम चेतावनी दिए जाने के बाद भी फर्जी धान खरीद हो रही है, इससे किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति लगभग सभी क्रय केंद्रों पर है। विधायकों ने कहा कि कई जिलों में अफसर मनमानी कर रहे हैं, इनकी समीक्षा जरूरी है। सीएम ने वादा किया कि चुनाव बाद गैर जिम्मेदार और मनमानी करने वाले अफसर चिह्नित होंगे।