बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित विधायक खेल स्पर्धा के दौरान एक बार फिर डोपिंग की आशंका जताई जा रही है। स्टेडियम परिसर के शौचालय में उपयोग की गई सिरिंजऔर खाली वॉयल मिलने से प्रतियोगिता की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
यह तीसरी बार है, जब किसी प्रतियोगिता के दौरान इस तरह की प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई है। इससे पूर्व छह दिसंबर और नौ दिसंबर को आयोजित विधायक खेल स्पर्धा में भी भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री पाई गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे यह कहा जा सकता है कि कुछ खिलाड़ी प्रदर्शन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिबंधित दवाओं का सहारा ले रहे हैं। यह न सिर्फ खेल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि खेल की मूल भावना के भी विपरीत है, जिसमें ईमानदारी और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सर्वोपरि मानी जाती है।
ब्लॉक ऑफिसर कोमल ने मामले को लेकर कहा कि यह उनके संज्ञान में नहीं है और इस संबंध में कोई स्पष्ट प्रावधान भी नहीं है। वहीं क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) चंचल मिश्रा ने जिम्मेदारी आयोजनकर्ताओं पर डालते हुए कहा कि जो भी स्टेडियम की बुकिंग करता है, वही प्रतियोगिता की जिम्मेदारी निभाता है और संबंधित प्रतियोगिता खेल विभाग की ओर से आयोजित नहीं कराई गई है। कहा कि पूर्व में उन्होंने स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ बैठक की थी और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने के लिए उन्हें सख्त चेतावनी दी थी। संवाद